
सफाई कर्मियों के विरोध से चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था
Saharanpur: मरीजों की सेवा और स्वच्छता के लिए जाने जाने वाले जिला अस्पताल में इन दिनों हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं। अस्पताल की सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों ने तीन महीने से वेतन न मिलने के विरोध में काम बंद कर दिया है। सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते अस्पताल परिसर में गंदगी बढ़ने लगी है और इसका सीधा असर मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों पर पड़ रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और अधिकारियों को समस्या बताने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि जिला अस्पताल की साफ-सफाई पूरी तरह उनके कंधों पर टिकी हुई है। वे रोजाना वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी और अस्पताल परिसर को साफ रखने का काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित वेतन और सम्मान नहीं मिल रहा। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के माध्यम से उनके लिए लगभग 10 हजार रुपये वेतन स्वीकृत होता है, लेकिन विभिन्न कटौतियों के बाद उन्हें करीब 7,200 रुपये ही मिल पाते हैं। उनका कहना है कि इतनी कम राशि में परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी समस्या को लेकर कई बार जिला अस्पताल प्रशासन, कंपनी प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं। उन्होंने लिखित और मौखिक रूप से अपनी बात रखी, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।
सफाई कर्मियों के काम बंद करने का असर जिला अस्पताल की व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। अस्पताल के कई हिस्सों में सफाई प्रभावित हुई है। वार्डों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी बढ़ने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताली कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनका बकाया वेतन जारी नहीं किया जाता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। उनका कहना है कि तीन महीने से वेतन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने वेतन में कथित कटौती की निष्पक्ष जांच कराने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बेहतर वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग भी की है।
पूरा मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. प्रवीण कुमार ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि इस बार मार्च महीने में पोर्टल अपडेट किया गया था, जिसके कारण सभी कर्मचारियों का डेटा दोबारा अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी तकनीकी प्रक्रिया की वजह से वेतन भुगतान में देरी हुई है। सीएमओ के अनुसार कर्मचारियों का वेतन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि भुगतान पहले संबंधित कंपनी के पास जाएगा, फिर वहां से लखनऊ स्तर पर प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर सभी कर्मचारियों को उनका बकाया वेतन मिल जाएगा।
Location : Saharanpur
Published : 3 June 2026, 5:29 PM IST