Mirzapur news: NHM के संविदा कर्मचारियों ने जानें सरकार से लगाई क्या गुहार

मिर्जापुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, स्वास्थ्य बीमा और सेवा सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 June 2026, 2:59 PM IST

Mirzapur:  उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश के बैनर तले कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। इसमें सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, स्वास्थ्य बीमा और स्थानांतरण नीति सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं।

वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारी

ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा कि वे पिछले 10 से 20 वर्षों से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कर्मचारियों ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर स्वास्थ्य योद्धा के रूप में काम किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।

नियमितीकरण और स्थायी कैडर बनाने की मांग

स्वास्थ्यकर्मियों ने मांग की कि IPHS मानकों के अनुरूप स्थायी पब्लिक हेल्थ कैडर का गठन किया जाए। साथ ही छह वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों का चरणबद्ध नियमितीकरण किया जाए। उनका कहना है कि वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

वेतन और सामाजिक सुरक्षा पर जोर

ज्ञापन में न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने, समान कार्य के लिए समान वेतन और वरिष्ठता के आधार पर वेतन वृद्धि की मांग की गई है। कर्मचारियों ने वर्ष 2018 से लंबित स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने की भी मांग उठाई। इसके अलावा EPF, ग्रेच्युटी, दुर्घटना बीमा तथा आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।

AMS व्यवस्था पर भी जताई नाराजगी

कर्मचारियों ने Attendance Management System (AMS) को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि जहां पहले से बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू है, वहां दोहरी उपस्थिति व्यवस्था उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य करने से पहले कर्मचारियों को स्मार्टफोन और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

अन्य मांगें भी रखीं

ज्ञापन में आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन, पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने और सम्पूर्णा क्लिनिक (NCD) योजना से प्रभावित कर्मचारियों के पुनर्वास की मांग भी शामिल रही। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनके लंबे अनुभव और योगदान को ध्यान में रखते हुए मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी। उनका कहना है कि यह केवल कर्मचारियों के हित का मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और स्थायी बनाने से भी जुड़ा हुआ है।

Location :  Mirzapur

Published :  20 June 2026, 2:57 PM IST