गोरखपुर के राजघाट पर मौत के बाद भी लापरवाही, न बैरिकेडिंग न चेतावनी बोर्ड

गोरखपुर के राजघाट पर तीन बच्चों की मौत के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही सामने आई है। Dynamite News की पड़ताल में घाट पर न बैरिकेडिंग मिली, न चेतावनी बोर्ड और न ही कोई खास सुरक्षा इंतजाम। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 27 May 2026, 8:57 PM IST

गोरखपुर: राजघाट पर तीन बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद भी प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया, लेकिन इसके बावजूद घाट पर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आया। जब Dynamite News की टीम मौके पर पहुंची तो वहां न कोई बैरिकेडिंग दिखाई दी और न ही किसी तरह का चेतावनी बोर्ड लगा मिला। घाट पर सुरक्षा के लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।

हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी भयावह घटना के बाद भी पुलिस और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों के मुताबिक अगर इसी तरह की अनदेखी जारी रही तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं। घाट पर पानी कितना गहरा है, कौन सा इलाका खतरनाक है और किन जगहों पर जाने से बचना चाहिए, इसे लेकर कहीं भी कोई सार्वजनिक सूचना नहीं लिखी गई है।

घाट पर नहीं दिखी कोई सुरक्षा व्यवस्था

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि घटना बेहद दर्दनाक थी और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। इसके बावजूद अब तक घाट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की दिशा में कोई गंभीर प्रयास नजर नहीं आ रहा। लोगों का कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में लोग राजघाट पहुंचते हैं, लेकिन वहां न पुलिस की स्थायी तैनाती है और न ही सुरक्षा निगरानी के पर्याप्त इंतजाम।

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स्थायी इंतजाम की उठी मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घाट पर स्थायी बैरिकेडिंग लगाई जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और खतरनाक जगहों को चिन्हित किया जाए। साथ ही घाट पर पुलिस और गोताखोरों की नियमित तैनाती भी सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके।

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

घटना के बाद लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि प्रशासन की ओर से अब तक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई बड़ी कार्रवाई या गंभीर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो शायद तीन मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।

Location :  Gorakhpur

Published :  27 May 2026, 8:08 PM IST