Bareilly के बहेड़ी में DNC प्रक्रिया के बाद महिला की संदिग्ध मौत। परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल और कथित झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया।

प्राइवेट अस्पताल की बड़ी लापरवाही
Bareilly: बरेली के बहेड़ी क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में डीएनसी (गर्भाशय की सफाई) प्रक्रिया के बाद महिला की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया। घटना शेरगढ़ चौराहा स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल की बताई जा रही है। मृतका की पहचान गीता के रूप में हुई है, जो चार बच्चों की मां थीं।
परिजनों के अनुसार, गीता की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टर ने डीएनसी प्रक्रिया करने की सलाह दी। आरोप है कि करीब 8 हजार रुपये में यह प्रक्रिया तय हुई थी। परिजनों का कहना है कि प्रक्रिया के कुछ ही समय बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने दावा किया कि समय रहते उचित उपचार नहीं दिया गया, जिससे स्थिति गंभीर होती चली गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज करने वाला कथित झोलाछाप डॉक्टर महिला की हालत बिगड़ते ही अस्पताल छोड़कर चला गया। इससे गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और अस्पतालों पर सवाल उठने लगे हैं।
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गीता की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
बरेली के बहेड़ी शेरगढ़ चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में महिला की संदिग्ध मौत के बाद हंगामा। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया। आरोप है कि इलाज करने वाला कथित झोलाछाप डॉक्टर अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। जांच व कार्रवाई की मांग।#Bareilly #MedicalNegligence #UPNews #BreakingNews pic.twitter.com/FKJbY7VkDh
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) February 20, 2026
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है और अस्पताल के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और कथित झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अवैध क्लीनिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।