बुनकरों की चमकेगी किस्मत, नाबार्ड के कार्यक्रम में 100 से अधिक बुनकरों को मिली नई तकनीक और ऑनलाइन बिजनेस की ट्रेनिंग

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर सीतापुर के खैराबाद स्थित आरसेटी में आयोजित कार्यक्रम में बुनकरों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल मार्केटिंग की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में 'एक जिला, एक उत्पाद (ODOP)' योजना के तहत सीतापुर की प्रसिद्ध दरी को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 7 August 2026, 8:23 PM IST

Sitapur: नाबार्ड के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के 100 से अधिक बुनकरों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बुनकरों को नई तकनीक, ऑनलाइन व्यापार और सरकारी योजनाओं से जोड़ना था, ताकि वे अपने उत्पादों की बेहतर कीमत प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बुनकरों को बदलते बाजार के अनुरूप अपने उत्पादों की गुणवत्ता और बिक्री के नए तरीकों की जानकारी भी दी।

हथकरघा हमारी सांस्कृतिक विरासत

मुख्य अतिथि जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि हथकरघा उद्योग केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। उन्होंने कहा कि 'एक जिला, एक उत्पाद (ODOP)' योजना के तहत सीतापुर की दरी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय बुनकरों की आय बढ़ेगी और जिले की पहचान भी मजबूत होगी।

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डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ेगा कारोबार

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) अनमोल त्यागी ने बुनकरों को ONDC और GeM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पाद बेचने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि डिजिटल बाजार से जुड़ने पर बुनकर सीधे ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और उन्हें अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा। ऑनलाइन बिक्री से देश-विदेश के ग्राहक भी सीतापुर की दरी खरीद सकेंगे।

सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील

कार्यक्रम में यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक जोसेफ क्रिस्टोफर मेटी, सहायक आयुक्त उद्योग संजीव कुमार, एलडीएम मनोज कुमार और आरसेटी निदेशक अंकुश वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

सभी अधिकारियों ने बुनकरों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने और डिजिटल माध्यमों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन बाजार से जुड़कर बुनकर आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बन सकते हैं।

लोकल से ग्लोबल' की ओर बढ़ेगी सीतापुर की दरी

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि अब सरकार का लक्ष्य स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है। सीतापुर की दरी अपनी गुणवत्ता और पारंपरिक डिजाइन के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसे देश और विदेश के नए बाजार मिलेंगे, जिससे बुनकरों की आय और रोजगार के अवसर दोनों बढ़ेंगे।

Location :  Sitapur

Published :  7 August 2026, 8:23 PM IST