यूपी पंचायत चुनाव में देरी पर आक्रोश और बवाल, बोले- प्रशासक नहीं, प्रधान चलाएंगे गांव

अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन ने पंचायत चुनावों में लगातार हो रही देरी और ग्राम पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त किए जाने की संभावना को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को संगठन के पदाधिकारियों और ग्राम प्रधानों के प्रतिनिधिमंडल ने खंड विकास कार्यालय पहुंचकर पंचायतों में प्रशासक नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 18 May 2026, 10:30 PM IST

Muzaffarnagar: पंचायत चुनावों में लगातार हो रही देरी और ग्राम पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त किए जाने की संभावना को लेकर अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को संगठन के पदाधिकारियों और ग्राम प्रधानों के प्रतिनिधिमंडल ने खंड विकास कार्यालय पहुंचकर बीडीओ सदर अकसीर खान को ज्ञापन सौंपा और पंचायतों में प्रशासक नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

 

संगठन की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और खतौली विधायक मदन भैया को भी पत्र भेजा गया है। ज्ञापन में कहा गया कि पंचायत चुनावों में देरी होने का खामियाजा ग्राम पंचायतों और ग्रामीण जनता को नहीं भुगतना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए निर्वाचित ग्राम प्रधानों को ही कार्य करने का अधिकार दिया जाना चाहिए।

संगठन के प्रदेश पदाधिकारी एवं ग्राम प्रधान राहुल देव ने कहा कि चुनावों में देरी होना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसके नाम पर गांवों में प्रशासक बैठाना पूरी तरह अलोकतांत्रिक कदम है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को जनता ने चुना है और प्रशासकों की नियुक्ति जनता के जनादेश का सीधा अपमान है। इससे विकास कार्य प्रभावित होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक असंतुलन पैदा होगा।

राहुल देव ने कहा कि यदि चुनाव में देरी हो रही है तो इसका मतलब यह नहीं कि गांवों का लोकतंत्र खत्म कर दिया जाए। चुनाव लेट हो सकते हैं, लेकिन लोकतंत्र नहीं रुकना चाहिए। सरकार को ग्राम प्रधानों को आवश्यक प्रशासनिक अधिकार देकर विकास कार्य जारी रखने चाहिए।”

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प्रशासक नियुक्त कर पंचायत व्यवस्था  कमजोर

उन्होंने दावा किया कि देश के कई राज्यों में चुनाव विलंबित होने की स्थिति में भी निर्वाचित ग्राम पंचायतों को अधिकार देकर विकास कार्य कराए जाते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में प्रशासक नियुक्त कर पंचायत व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।

ज्ञापन में संगठन ने तीन प्रमुख मांगें उठाईं। पहली, पंचायतों में प्रशासक नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए। दूसरी, चुनाव न होने तक निर्वाचित ग्राम पंचायतों को ही कार्य करने दिया जाए। तीसरी, ग्राम प्रधानों को आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से दिए जाएं।

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संगठन ने दी ये चेतावनी

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर सरकार की ओर से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जाएगा। वहीं बीडीओ अकसीर खान ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, हालांकि उन्होंने किसी ठोस कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  18 May 2026, 10:15 PM IST