मुजफ्फरनगर में सपा नेत्री की भूख हड़ताल का तीसरा दिन, सांसद हरेंद्र मलिक ने प्रशासन को घेरा, सरकार को बताया जिम्मेदार

मुजफ्फरनगर में महावीर चौक विवाद और एकतरफा कार्रवाई के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठी सपा नेत्री डॉ मोनिका सिंह का अनशन तीसरे दिन भी जारी है। सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर हाल जाना और प्रशासन को लापरवाह ठहराया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 August 2026, 12:13 PM IST

Muzaffarnagar: प्रशासनिक उपेक्षा और एकतरफा कार्रवाई के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर धरने पर बैठी समाजवादी पार्टी की नेत्री डॉ. मोनिका सिंह की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रविवार को तीसरे दिन भी जारी है। सपा नेत्री की बिगड़ती तबीयत और पुलिस के कथित धमकी भरे रवैये के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। रविवार देर रात मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक पार्टी के दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठी डॉ. मोनिका सिंह से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

"प्रशासन की लापरवाही से बैठी हैं नेत्री" - सांसद हरेंद्र मलिक

सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे प्रकरण के लिए पूरी तरह से प्रशासन की लापरवाही जिम्मेदार है। सांसद ने कहा कि यह मामला प्रशासन के लिए बेहद छोटा और मामूली था, जिसे आसानी से सुलझाया जा सकता था, लेकिन अनदेखी के चलते यह बड़ा मुद्दा बन गया।

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हैरानी की बात यह है कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के तीसरे दिन तक किसी भी डॉक्टर ने सुध नहीं ली है। नेत्री का ब्लड प्रेशर (BP) लगातार कम हो रहा है, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बना हुआ है। सांसद ने यह भी खुलासा किया कि शनिवार को सिविल लाइन थाने के दो दरोगाओं ने आकर उन्हें धमकाने का प्रयास किया था, जो बेहद निंदनीय है।

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22 जुलाई के विवाद और एकतरफा कार्रवाई से उपजा आक्रोश

यह पूरा विवाद 22 जुलाई की रात महावीर चौक पर सपा के धरने के दौरान हुए हंगामे के बाद शुरू हुआ था। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने इस मामले में पूरी तरह से एकतरफा कार्रवाई की है। सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिस के इसी पक्षपातपूर्ण और एकतरफा रवैये के विरोध में डॉ. मोनिका सिंह को मजबूरन भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। पार्टी नेत्री के समर्थन में उनके पति युधिष्ठिर पहलवान और तमाम समर्थक भी धरना स्थल पर पूरी मजबूती के साथ डटे हुए हैं।

"कार्रवाई के नाम पर लीपापोती और धमकी" - युधिष्ठिर पहलवान

सपा नेत्री के पति युधिष्ठिर पहलवान ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को कुछ दरोगा धरना स्थल पर पहुंचे थे और उन्हें सिविल लाइन थाना प्रभारी के पास ले गए थे। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया था कि अधिकारीयों के आदेश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

युधिष्ठिर पहलवान ने दो-टूक मांग रखते हुए कहा कि जिस मुख्य व्यक्ति (कुलदीप) की वजह से यह पूरा विवाद और आंदोलन खड़ा हुआ है, पुलिस उस पर कार्रवाई करने से क्यों बच रही है? उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके ऊपर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है, तो विवाद की जड़ में मौजूद व्यक्ति के खिलाफ कानूनी शिकंजा क्यों नहीं कसा जा रहा?

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स्वास्थ्य बिगड़ने पर प्रशासनिक संवेदनहीनता उजागर

धरना स्थल पर सपा नेत्री डॉ. मोनिका सिंह की तबीयत लगातार खराब हो रही है। उनके पति युधिष्ठिर पहलवान ने बताया कि जब उन्होंने स्थिति गंभीर होने पर एलआईयू (LIU) के एक अधिकारी को फोन करके डॉक्टर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, तो अधिकारी ने उन्हें नेत्री को सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। साथ ही यह तर्क दिया कि अभी सभी डॉक्टर कांवड़ यात्रा ड्यूटी में व्यस्त हैं।

सपा नेताओं और समर्थकों का साफ कहना है कि जब तक पुलिस प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए आरोपी कुलदीप के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाता, तब तक यह भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन इसी प्रकार जारी रहेगा।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  3 August 2026, 12:13 PM IST