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प्रतीकात्मक छवि (Img: Google)
Muzaffarnagar: मुज़फ़्फ़रनगर के खेड़ी सुंडियान गांव में किसान शेखर की हत्या के मामले में, एक कोर्ट ने एक मां और उसके तीन बेटों को मौत की सज़ा सुनाई है। यह घटना 17 जून, 2019 को 70,000 रूपए के विवाद के चलते हुई थी।
कोर्ट ने किसान शेखर की हत्या के मामले में एक अहम फ़ैसला सुनाया है। यह हत्या मुज़फ़्फ़रनगर के भौराकलां पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले खेड़ी सुंडियान गांव में हुई थी। अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायालय (फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर 3) के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने आरोपी माँ और उसके तीन बेटों को मौत की सज़ा सुनाई है। इसके अलावा, उन सभी पर 50,000 रूपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह अपराध 17 जून, 2019 को किया गया था।
मामले के विवरण के अनुसार, सिसौली कस्बे की रहने वाली राजबाला देवी अपने बेटे शेखर के साथ खेड़ी सुंडियान गाँव गई थीं, ताकि वे 70,000 रूपए का कर्ज़ मांग सकें। आरोप है कि इस मुलाक़ात के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। आरोपियों ने पहले पीड़ितों पर पत्थर फेंके और बाद में उन पर लाठियों, डंडों और ईंटों से हमला किया। शेखर, जिसे गंभीर चोटें आई थीं, की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद, राजबाला देवी ने रामकुमार (उर्फ़ रामू), उसकी पत्नी मुकेश (उर्फ़ बिट्टो), और उनके तीन बेटों—प्रदीप, संदीप और सोनू के ख़िलाफ़ हत्या की शिकायत दर्ज कराई। जाँच के दौरान, रामकुमार (उर्फ़ रामू) की मृत्यु हो गई; जिसके परिणामस्वरूप, उसके ख़िलाफ़ आरोप पत्र (चार्जशीट) दायर नहीं किया गया। माँ और उसके तीन बेटों को दोषी पाते हुए, कोर्ट ने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई। बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत तर्क
मुकदमे के दौरान, बचाव पक्ष के वकील ने अदालत के सामने यह तर्क दिया कि मृतक शेखर के खिलाफ सात आपराधिक मामले दर्ज थे और वह एक कुख्यात 'हिस्ट्री-शीटर' (आदतन अपराधी) था। इसके अलावा, घटना के पीछे के मकसद और अपराध के वास्तविक स्थान को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालाँकि, उपलब्ध सबूतों के आधार पर, अदालत ने मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान चारों आरोपियों को दोषी ठहराया, उन्हें मौत की सज़ा सुनाई और उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
Location : Muzaffarnagar
Published : 28 April 2026, 4:04 PM IST