कांवड़ यात्रा से पहले मुजफ्फरनगर में ATS तैनात, ड्रोन और फेस-रिकग्निशन कैमरों से होगी 24 घंटे निगरानी

कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले मुजफ्फरनगर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए एटीएस, पीएसी और बम निरोधक दस्ते सहित 9 कंपनियां तैनात की गई हैं। पूरे रूट पर ड्रोन और फेस-रिकग्निशन कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च कर जायजा लिया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 July 2026, 6:10 PM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर जिला कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले हाई अलर्ट पर है। हर साल भगवान शिव के लाखों भक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों तक जाते हैं। भारी भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस साल कड़े इंतजाम किए हैं।

ATS समेत कई सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती

बुधवार को जिले में एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की एक टीम तैनात की गई। इसके बाद पुलिस, ATS और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने कांवड़ रूट पर फ्लैग मार्च किया और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। प्रशासन ने कहा है कि यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।

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नौ कंपनियों वाली सुरक्षा फोर्स

कांवड़ मेले के लिए कुल नौ कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें ATS, PAC, RRF, बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS), एंटी-सबोटेज (AS) चेक टीमें और डॉग स्क्वाड शामिल हैं। इसके अलावा, पूरे कांवड़ रूट पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए तीन अस्थायी पुलिस स्टेशन, 39 अस्थायी पुलिस चौकियां और 12 वॉचटावर बनाए गए हैं ताकि सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

ड्रोन और फेस-रिकग्निशन कैमरों से निगरानी

मुजफ्फरनगर के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) संजय कुमार वर्मा ने कहा कि इस साल सुरक्षा इंतजाम काफी मजबूत किए गए हैं। पूरे कांवड़ रूट पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, फेस-रिकग्निशन टेक्नोलॉजी वाले कैमरों और खास ड्रोनों का इस्तेमाल करके लगातार निगरानी की जाएगी। हाल ही में भर्ती हुए पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कांवड़ कैंप और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर खास ध्यान

प्रशासन ने कांवड़ कैंपों में 'सिंगल-विंडो सिस्टम' लागू किया है ताकि भक्तों को आसानी हो और कोई दिक्कत न आए। वहीं, ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान बनाया गया है और ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन ढाबों (सड़क किनारे खाने-पीने की जगहों) और दूसरी जरूरी सेवाओं पर भी कड़ी नजर रख रहा है।

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शरारती तत्वों पर कड़ी नजर

SSP ने कहा कि मुजफ्फरनगर एक संवेदनशील जिला है; इसलिए सभी संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी उपद्रवी तत्व को शांति भंग करने का मौका न मिले। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कांवड़ यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और इसमें कोई अप्रिय घटना न हो।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  29 July 2026, 6:10 PM IST