Muzaffarnagar: कूड़े के ढेर में मिली सरकारी दवाइयों की खेप! एक्सपायर और नई दवाएं देखकर उड़ गए स्वास्थ्य विभाग के होश

मुजफ्फरनगर में सड़क किनारे कूड़े के ढेर पर मिली सरकारी दवाइयों की खेप ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बरामद दवाइयों में एक्सपायर और नई दोनों तरह की दवाएं शामिल हैं। आखिर ये दवाइयां यहां कैसे पहुंचीं?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 15 May 2026, 10:26 AM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे कूड़े के ढेर में बड़ी मात्रा में सरकारी दवाइयां पड़ी मिलीं। मामला खतौली कोतवाली क्षेत्र के गंग नहर कांवड़ पटरी मार्ग का है, जहां राहगीरों की नजर लावारिस हालत में पड़ी दवाइयों की खेप पर पड़ी। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई और आनन-फानन में चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बरामद दवाइयों में कुछ एक्सपायर थीं, जबकि कई दवाइयां पूरी तरह सही हालत में मिलीं। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी दवाइयां सड़क किनारे कैसे पहुंचीं और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।

सड़क किनारे बिखरी मिलीं सरकारी दवाइयां

घटना खतौली क्षेत्र के गंग नहर कांवड़ पटरी मार्ग की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे पड़े कूड़े के ढेर में दवाइयों के बॉक्स और मेडिकल सामग्री देखी तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही खतौली सीएचसी प्रभारी सतीश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने मौके पर पहुंचकर दवाइयों की जांच शुरू की और पूरी खेप को कब्जे में ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वहां बड़ी संख्या में दवाइयों के पैकेट बिखरे पड़े थे। कुछ दवाइयों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी, जबकि कई दवाइयां अभी भी उपयोग में लाई जा सकती थीं।

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स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

सरकारी दवाइयों के इस तरह खुले में मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुट गया है कि दवाइयां किस अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र की हैं और इन्हें यहां किसने फेंका। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दवाइयों के बैच नंबर के आधार पर उनकी पहचान की जाएगी। इसके बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जिन दवाइयों को गरीब मरीजों तक पहुंचना चाहिए था, वे सड़क किनारे कूड़े में पड़ी मिलीं।

“दोषियों पर होगी कार्रवाई”

खतौली सीएचसी प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि टीम ने मौके से दवाइयों को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि दवाइयां कहां से आईं और इन्हें किसने फेंका। उन्होंने बताया कि कुछ दवाइयां एक्सपायर हैं और कुछ वर्तमान उपयोग की हैं। बैच नंबर की मदद से यह जांच की जाएगी कि ये दवाइयां किस स्वास्थ्य केंद्र या विभाग से संबंधित हैं। अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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लापरवाही या बड़ा खेल?

इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही मान रहे हैं, तो कुछ इसे सरकारी दवाइयों के दुरुपयोग से जोड़कर देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी दवाइयों का इस तरह खुले में फेंका जाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह आम लोगों की सेहत के लिए भी खतरा बन सकता है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  15 May 2026, 10:26 AM IST