
अकीदत और धार्मिक श्रद्धा के साथ निकलता जुलूस (इमेज सोर्स- डाइनामाइट न्यूज)
Sambhal: जनपद संभल में शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक ताज़िया और अलम के जुलूस पूरे अकीदत और धार्मिक श्रद्धा के साथ निकाले गए। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया गया। विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जुलूस अपने निर्धारित गंतव्य तक पहुँचे।
जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए, जबकि अधिकारी लगातार जुलूसों की निगरानी करते रहे।"
जुलूस में बड़ी संख्या में पहुंचे अकीदतमंद
प्रशासन और आयोजन समितियों की अपील पर लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द का परिचय दिया, जिसके चलते पूरे आयोजन का माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।
अकीदत और धार्मिक श्रद्धा के साथ निकलता जुलूस
पर्व के दौरान ताजिया था आकर्षण का केन्द्र बिन्दु मुहर्रम का ताजिया पर्व का आकर्षण रहा। लोगों ने एक से बढ़कर एक ताजिए का निर्माण किया था। मुस्लिमों के पवित्र धार्मिक स्थलों की आकृति के ताजिए कई अखाड़ा वालों ने बनाए थे। रंग-बिरंगे बिजली के बल्बों से सजे ताजिए काफी आकर्षक लग रहे थे। उसे देखने के लिए लोगों की भारी-भरकम भीड़ जुटी हुई थी।
खासकर, युवाओं में मोबाइल से ताजिए के साथ सेल्फी लेने की होड़ मची थी। वैसे इस्लाम में ताजिया का कोई पुराना इतिहास नहीं है। बताया जाता है कि ताजिया निकालने की परंपरा तैमूरलंग बादशाह के जमाने से शुरू हुई थी। तब से यह संपूर्ण भारत में अकीदत के साथ निकाली जाती है।
मोहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद
मुहर्रम के पर्व को लेकर प्रशासनिक महकमा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी चौकस था। पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके, इसके लिए जिले भर में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। साथ काफी संख्या में पुलिस पदाधिकारी व पुलिसबल की तैनाती की गई है। खासकर, मुस्लिम बहुल गांवों में पुलिसबल को सतर्क कर दिया था।
Location : Sambhal
Published : 26 June 2026, 11:08 PM IST