MSP बढ़ा लेकिन किसान परेशान, टिकैत ने सरकार की खरीद नीति पर उठाए गंभीर सवाल

मुजफ्फरनगर में राकेश टिकैत ने मक्का MSP बढ़ाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ कीमत बढ़ाना काफी नहीं, सरकार को खरीद की गारंटी देनी होगी। किसान 1200-1400 रुपये क्विंटल में फसल बेचने को मजबूर हैं और विदेश से आयात पर भी सवाल उठ रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 June 2026, 3:44 PM IST

Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मक्का की खरीद के लिए 150 क्रय केंद्र स्थापित करने और समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के फैसले पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता Rakesh Tikait ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केवल एमएसपी बढ़ाने से किसानों को वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा, जब तक उनकी फसल की खरीद की गारंटी सुनिश्चित नहीं की जाती। किसान नेता ने इस मुद्दे को किसानों की आय और खेती की सुरक्षा से जुड़ा हुआ बताया।

एमएसपी और खरीद गारंटी की मांग

Bhartiya Kisan Union के प्रवक्ता टिकैत ने कहा कि सरकार को सिर्फ मूल्य घोषित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि किसानों की उपज की अनिवार्य खरीद व्यवस्था भी लागू करनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि एमएसपी गारंटी कानून बनाना समय की आवश्यकता है और यह किसानों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांगों में शामिल है।

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मक्का खरीद व्यवस्था पर सवाल

किसान नेता के अनुसार किसानों को जानकारी मिली है कि बड़ी मात्रा में मक्का बाहर से मंगाई जा रही है, जबकि देश में पर्याप्त उत्पादन मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहे हैं और कई जगह मक्का 1200 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार द्वारा घोषित एमएसपी बढ़ोतरी के बावजूद खरीद कौन करेगा और कब करेगा। उन्होंने कहा कि गेहूं और धान की तरह मक्का की खरीद भी सीमित रहती है, जबकि व्यापारी अक्सर किसानों से कम कीमत पर फसल खरीद लेते हैं और बाद में एमएसपी पर बेचते हैं।

महंगाई और किसानों की स्थिति

टिकैत ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई और फसलों की खरीद में अनिश्चितता के कारण किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को बचाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि कृषि व्यवस्था मजबूत बनी रहे और किसानों की स्थिति में सुधार हो सके।

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चिंतन शिविर की घोषणा

उन्होंने जानकारी दी कि 15 से 18 जून के बीच हरिद्वार में भारतीय किसान यूनियन का तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित होगा। इस शिविर में विभिन्न राज्यों के किसान कृषि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे और आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।

टिकैत के अनुसार मक्का की खरीद को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसे वास्तव में कौन खरीदेगा और किस समय खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि बाजार में किसानों को कम दाम मिलने से उनकी आय प्रभावित हो रही है और व्यापारी व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं, जिससे किसान नुकसान में रहते हैं। 

Location :  Muzaffarnagar

Published :  5 June 2026, 3:44 PM IST