मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक ने एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में यूपी की राजनीति, सपा रैली और अखिलेश यादव की लोकप्रियता पर खुलकर बात की। उन्होंने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और अखिलेश यादव का इंतजार कर रही है। रैली में अखिलेश के हमशक्ल को देखने के लिए उमड़ी भीड़ ने भी इस बढ़ती लोकप्रियता को दिखाया।

सांसद हरेंद्र मलिक ने बताया यूपी चुनाव का सबसे बड़ा सच
Greater Noida: दादरी की सियासी फिजा इन दिनों किसी थ्रिलर से कम नहीं लग रही। भीड़ उमड़ रही है, नारे गूंज रहे हैं और हर चेहरा जैसे किसी बड़े बदलाव की कहानी कह रहा हो। रैलियों में सिर्फ नेता ही नहीं, बल्कि उनके हमशक्ल भी चर्चा का विषय बन रहे हैं और ये सब इशारा कर रहा है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुछ बड़ा पक रहा है। इसी उबाल के बीच, मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक ने एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में ऐसे कई राज खोले, जो आने वाले चुनावों की दिशा तय कर सकते हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ को दिए खास इंटरव्यू में सांसद हरेंद्र मलिक ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता इस वक्त बदलाव के मूड में है। उन्होंने बताया कि जहां भी समाजवादी पार्टी की रैली हो रही है, वहां भारी भीड़ उमड़ रही है। लोगों के बीच एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है, जो सीधे तौर पर सत्ता परिवर्तन के संकेत दे रहा है।
हरेंद्र मलिक ने बातचीत के दौरान कहा कि जनता के दिलों में इस समय सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा है- अखिलेश यादव। उनके मुताबिक यूपी के सियासी माहौल में अगर किसी नेता का प्रभाव सबसे ज्यादा दिख रहा है, तो वह अखिलेश यादव हैं। उन्होंने कहा, “लोगों को भरोसा है कि अखिलेश यादव ही प्रदेश को नई दिशा दे सकते हैं।
अखिलेश यादव की रैली में पहुंचे सपा प्रमुख के हमशक्ल ने लोगों का ध्यान अपनी और खीचा। उस हमशक्ल को देखने के लिए लोगों की लंबी कतार लग गई थी। यह दृश्य सिर्फ एक मजाकिया घटना नहीं, बल्कि इस बात का संकेत भी है कि जनता के बीच अखिलेश यादव की लोकप्रियता किस स्तर पर पहुंच चुकी है। लोग उन्हें देखने के लिए इतने उत्साहित हैं कि उनके जैसे दिखने वाले व्यक्ति को भी देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ती है।
हरेंद्र मलिक ने चुनावी रणनीति को लेकर भी कई अहम बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रही है और हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार चुनाव सिर्फ वादों पर नहीं, बल्कि काम और विश्वास पर लड़ा जाएगा। जनता अब समझदार हो चुकी है और वह अपने वोट का सही इस्तेमाल करना चाहती है।