ग्रेटर नोएडा के कासना क्षेत्र के सिरसा गांव में हुए निक्की हत्याकांड में आरोपी पति विपिन भाटी की जमानत याचिका पर सोमवार को जिला अदालत में सुनवाई होगी। मामले में सास, ससुर और जेठ को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। जबकि मुख्य आरोपी विपिन न्यायिक हिरासत में है। पुलिस चार्जशीट में साजिश के तहत वारदात का जिक्र कर चुकी है, जिससे सुनवाई अहम मानी जा रही है।

निक्की भाटी और उसकी पति विपिन
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की हत्याकांड में सोमवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। कासना कोतवाली क्षेत्र के सिरसा गांव में हुई इस वारदात के मुख्य आरोपी पति विपिन भाटी की जमानत याचिका पर जिला अदालत में सुनवाई होनी है। पहले जिला अदालत से जमानत खारिज होने के बाद जहां सास, ससुर और जेठ को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिल गई। वहीं अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या विपिन को भी जमानत मिलती है या नहीं?
थिनर डालकर जलाने का आरोप
घटना 21 अगस्त 2025 की शाम की बताई जाती है, जब पारिवारिक विवाद के दौरान विपिन पर आरोप है कि उसने निक्की पर ज्वलनशील पदार्थ यानी थिनर डालकर आग लगा दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की बहन कंचन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था और दहेज उत्पीड़न के साथ हत्या की धाराएं लगाई गई थी।
दहेज और सोशल मीडिया बना विवाद की वजह
परिजनों का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर निक्की को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। साथ ही इंस्टाग्राम पर ब्यूटी पार्लर का प्रचार करने को लेकर भी घर में विवाद होता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका को लेकर साजिश का एंगल जोड़ा गया, जिसके आधार पर चार्जशीट दाखिल की गई थी।
मुठभेड़ के बाद हुई थी गिरफ्तारी
मुख्य आरोपी विपिन भाटी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। वहीं सास, ससुर और जेठ को अलग-अलग जगहों से पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में हाईकोर्ट से तीनों को जमानत मिल गई, लेकिन विपिन अब भी जेल में है।
केस बना हुआ है चर्चित
यह मामला दहेज, घरेलू हिंसा और सोशल मीडिया से जुड़े विवाद की वजह से लगातार चर्चा में रहा है। पुलिस का कहना है कि चार्जशीट में साजिश के तहत वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई है, जबकि बचाव पक्ष जमानत के लिए दलीलें दे रहा है। सोमवार की सुनवाई से तय होगा कि मुख्य आरोपी को राहत मिलती है या उसे अभी जेल में ही रहना होगा।