
गोवंशों का झुंड (Img : Dynamite News)
गेहूं और सरसों की बुवाई के इस दौर में छुट्टा गोवंश किसानों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। कई खेतों में सरसों के छोटे-छोटे पौधे निकल आए हैं, लेकिन आवारा पशु उन्हें पैरों से रौंदकर नष्ट कर दे रहे हैं। इससे किसानों को दोबारा बुवाई और फसल तैयार करने की चिंता सता रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार की जाती है, लेकिन छुट्टा पशुओं के झुंड खेतों में घुसकर पूरी मेहनत बर्बाद कर देते हैं। ऐसे में किसानों के सामने फसलों की रखवाली करना बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, छुट्टा गोवंशों की समस्या को लेकर ग्राम विकास अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन उन्हें गौशालाओं में खाली जगह देखने की बात कहकर टाल दिया जाता है। किसानों का आरोप है कि अब तक न तो कोई खाली गौशाला मिल पाई है और न ही पशुओं को पकड़कर वहां संरक्षित कराया गया है।
किसानों का सवाल है कि जब शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है तो वे अपनी परेशानी लेकर आखिर किसके पास जाएं? ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने और छुट्टा गोवंशों को पकड़वाकर गौशालाओं में भिजवाने की मांग की है।
छुट्टा गोवंशों की समस्या सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं है। जिले की सड़कों और हाईवे पर भी बड़ी संख्या में पशु बैठे और घूमते दिखाई देते हैं। खासकर रात के समय सड़क पर बैठे गोवंश वाहन चालकों के लिए खतरा बन जाते हैं। अंधेरे में अचानक सामने आने वाले पशुओं की वजह से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
Location : Mirzapur
Published : 4 November 2026, 5:37 PM IST