“तूने मारा है, मेरा नाम मत लेना…” कत्ल के 10 मिनट बाद आया वो एक मैसेज, और दफन राज से उठ गया खौफनाक पर्दा!

मेरठ में छह वर्षीय अंगदवीर की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी मां गुरप्रीत कौर को गिरफ्तार किया है। प्रेम संबंध का राज खुलने और पति से तलाक के विवाद के चलते मां ने अपने बैंक मैनेजर प्रेमी अर्पित पाराशर के साथ मिलकर बेटे की गला रेतकर बेरहमी से हत्या की साजिश रची थी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 June 2026, 11:16 AM IST
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Meerut: उत्तर प्रदेश के मेरठ में 6 साल के मासूम अंगदवीर हत्याकांड में एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ है, जिसने मां के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। बहसूमा थाना इलाके के रामराज से अगवा हुए मासूम की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी सगी मां गुरप्रीत कौर ने अपने प्रेमी अर्पित पाराशर के साथ मिलकर कराई थी। पुलिस द्वारा आरोपियों के मोबाइल से डिलीट की गई व्हाट्सएप चैट रिकवर होने के बाद इस खौफनाक साजिश का पूरा सस्पेंस खत्म हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने कलयुगी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कत्ल के 10 मिनट बाद आया मैसेज: "काम हो गया है"

जांच में सामने आया है कि वारदात वाले दिन मां गुरप्रीत कौर ने खुद अपने बेटे को मौत के मुंह में धकेला था। उसने अपने प्रेमी अर्पित पाराशर को व्हाट्सएप कॉल कर घर के पास बुलाया और 100 मीटर दूर खड़ी कार में बेटे अंगदवीर को यह कहकर भेज दिया कि "अंकल घड़ी और चॉकलेट दिलाएंगे।" इसके बाद वह खुद नजीबाबाद दवा लेने चली गई। बच्चे को ले जाने के महज 10 मिनट बाद ही प्रेमी अर्पित (जो एक बैंक में एरिया मैनेजर है) ने गुरप्रीत को व्हाट्सएप मैसेज किया, "काम हो गया है।" इस पर मां ने ठंडे दिमाग से पूछा, "किसी ने देखा तो नहीं?"

सीसीटीवी फुटेज सामने आते ही कांप गई मां

जब पुलिस ने गांव में जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी, जिसमें अर्पित की कार दिख रही थी, तो गुरप्रीत बुरी तरह घबरा गई। उसने चैट पर लिखा, "गांव में पुलिस आ गई है, तुम फंसोगे, मैंने कुछ नहीं किया। तूने मारा है, मेरा नाम मत लेना।" हालांकि, पकड़े जाने के डर से दोनों ने चैट डिलीट कर दी थी, लेकिन पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने इसे रिकवर कर लिया।

मासूम ने देख लिया था वो राज, इसलिए मिली मौत

सीओ मवाना पंकज लवानिया के मुताबिक, हत्या की वजह बेहद चौंकाने वाली है। रविवार की रात अर्पित चुपके से गुरप्रीत से मिलने उसके घर आया था। इसी बीच पास की चारपाई पर सो रहे मासूम अंगदवीर की आंख खुल गई और उसने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। दोनों को डर था कि बच्चा यह राज अपने पिता गुरसेवक और दादी को बता देगा। इसके अलावा, गुरप्रीत अपने पति से मोटी रकम लेकर तलाक चाहती थी, जिसमें अंगदवीर बाधा बन रहा था। इसी राज को हमेशा के लिए दफन करने के लिए मासूम का गला रेतकर शव झाड़ियों में फेंक दिया गया।

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अपराध छिपाने के लिए रची थी फिरौती की झूठी कहानी

 पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी अर्पित ने पकड़े जाने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पहले बच्चे को नहर में फेंकने की झूठी कहानी गढ़ी, जिससे एसडीआरएफ की टीम दिनभर परेशान रही। यही नहीं, आरोपियों की योजना बाद में मामले को पूरी तरह किडनैपिंग फॉर रैनसम (फिरौती के लिए अपहरण) का रूप देने की थी ताकि पुलिस का ध्यान प्रेम संबंधों और मां की तरफ कभी जा ही न सके।

Location :  Meerut

Published :  20 June 2026, 11:16 AM IST

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