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शिक्षकों के तबादले में कौन होगा सरप्लस?
Lucknow: उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से लंबित शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया आखिरकार शुरू होने जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस पूरे ट्रांसफर सिस्टम को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस बार खास फोकस सरप्लस शिक्षकों के समायोजन और ऑनलाइन प्रक्रिया पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की मनमानी या गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। पूरी प्रक्रिया 12 जून से शुरू होकर 30 जून तक समाप्त कर दी जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 12 जून तक सभी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) एनआईसी की वेबसाइट पर सरप्लस शिक्षकों की सूची अपलोड करेंगे। इसी सूची के आधार पर आगे की पूरी तबादला प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन विद्यालयों में शिक्षक आवश्यकता से अधिक हैं, उन्हें पहले चिन्हित किया जाए और उनका समायोजन सही तरीके से किया जाए।
सरप्लस सूची जारी होने के बाद शिक्षकों को 18 जून तक ऑनलाइन आवेदन करने का समय दिया गया है। इस दौरान शिक्षक अपनी पसंद के विद्यालयों का विकल्प चुन सकेंगे। विभाग ने कहा है कि जो शिक्षक स्वयं आवेदन करेंगे, उन्हें उनके विकल्प और वरीयता क्रम के आधार पर तैनाती दी जाएगी। इससे शिक्षकों को बेहतर स्थान चुनने का अवसर मिलेगा और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
डीआईओएस स्तर पर सभी आवेदन पत्रों की जांच 25 जून तक पूरी करनी होगी और उसके बाद उन्हें माध्यमिक शिक्षा निदेशक को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। अंतिम चरण में 30 जून तक सभी चयनित शिक्षकों को उनके नए विद्यालयों में कार्यमुक्त और कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा। विभाग ने साफ किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
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नई व्यवस्था के तहत यदि कोई सरप्लस शिक्षक स्वयं आवेदन नहीं करता है, तो उसे खाली पदों के आधार पर किसी भी विद्यालय में समायोजित किया जा सकता है। इसके अलावा सरप्लस शिक्षकों के निर्धारण में सबसे बाद में नियुक्त हुए शिक्षकों को पहले स्थानांतरित किया जाएगा। यानी जूनियर शिक्षकों को पहले सरप्लस माना जाएगा और उन्हें पहले स्थानांतरित किया जाएगा।
विभाग ने ट्रांसफर प्रक्रिया को और व्यवस्थित बनाने के लिए जोन आधारित प्रणाली लागू की है। जोन एक में जिला मुख्यालय या नगरीय सीमा से 8 किलोमीटर तक के विद्यालय शामिल होंगे। जोन दो में तहसील मुख्यालय से 2 किलोमीटर की दूरी वाले विद्यालय रखे गए हैं, जबकि जोन तीन में बाकी सभी ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय शामिल होंगे। पहले चरण में जोन तीन में तैनाती को प्राथमिकता दी जाएगी और वहां तैनाती की न्यूनतम अवधि तीन साल तय की गई है।
Location : Lucknow
Published : 9 June 2026, 7:37 AM IST
Topics : Education News Samayojan Process Teacher Transfer 2026 UP School System UP Teachers Transfer