बड़ा विवाद: यूपी सरकार के प्रश्नपत्र पर सीएम योगी के मंत्री ने ही उठाए सवाल, पूछ डाला ये सवाल

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 14 March 2026, 10:27 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती परीक्षा का एक सवाल अब बड़ा विवाद बन गया है। हिंदी के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल के विकल्प में इस्तेमाल किए गए शब्द को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मच गई है। मामला इतना बढ़ा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak को खुद सामने आकर कड़ी आपत्ति जतानी पड़ी और पूरे मामले की जांच के आदेश देने पड़े।

सवाल के विकल्प पर मचा बवाल

दरअसल, हाल ही में हुई Uttar Pradesh Police Recruitment Exam के हिंदी प्रश्नपत्र में एक सवाल पूछा गया था- ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ मुहावरे का अर्थ क्या है। इस सवाल के चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें एक विकल्प में एक आपत्तिजनक शब्द लिखा गया था। जैसे ही यह सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने इसे लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। कई सामाजिक संगठनों और लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए विरोध जताया।

सोशल मीडिया पर बढ़ा आक्रोश

शनिवार को यह प्रश्न तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते इस पर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि किसी जाति या समुदाय से जुड़े शब्द को इस तरह विकल्प के रूप में इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना और नाराजगी का दौर शुरू हो गया।

डिप्टी सीएम ने जताई कड़ी आपत्ति

मामले के तूल पकड़ने के बाद उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने बयान जारी कर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न के विकल्प में जिस तरह शब्द का इस्तेमाल किया गया है, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रश्न या विकल्प से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।

जांच के दिए गए निर्देश

डिप्टी सीएम ने कहा कि पूरे मामले की तत्काल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार सभी समाजों के सम्मान और समानता के सिद्धांत पर काम करती है और प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सरकार ने दी संवेदनशीलता की नसीहत

सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि परीक्षा से जुड़े सभी सवालों को तैयार करते समय सामाजिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इस मामले ने एक बार फिर भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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  • Lucknow

Published : 
  • 14 March 2026, 10:27 PM IST