केंद्रीय जेल रायपुर छत्तीसगढ़ से फरार NDPS एक्ट का दोषी बंदी चंद्रवीर उर्फ पिंटू को यूपी STF और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आगरा से गिरफ्तार किया गया। आरोपी 2025 से फरार चल रहा था।

आरोपी का फोटो
Agra: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित केंद्रीय जेल से फरार हुए आरोप सिद्ध बंदी चंद्रवीर उर्फ पिंटू को आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई यूपी एसटीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने की। आरोपी पिछले साल जेल से फरार होने के बाद लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और उस पर इनाम भी घोषित था।
पीपल गेट से हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ की प्रेस जानकारी के अनुसार 16 मार्च 2026 को दोपहर करीब 12:40 बजे आगरा के थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित पीपल गेट के पास संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर चंद्रवीर उर्फ पिंटू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से अलीगढ़ जिले के गोरई थाना क्षेत्र के पट्टी चुहरा गांव का रहने वाला है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फरार बंदी आगरा में छिपा हुआ है, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक बल प्रयोग करते हुए उसे पकड़ लिया।
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रायपुर जेल से हुआ था फरार
छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुसार चंद्रवीर उर्फ पिंटू 21 अगस्त 2025 को रायपुर के केंद्रीय कारागार से फरार हो गया था। उस समय जेल में मरम्मत का कार्य चल रहा था और बंदियों को बाहर काम पर लगाया गया था। इसी दौरान उसने मौका पाकर फरार होने में सफलता हासिल कर ली। इस घटना के बाद रायपुर के थाना गंज में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और गिरफ्तारी के लिए 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
NDPS एक्ट में मिली थी 15 साल की सजा
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2021 में उसे नारकोटिक सेल ने छत्तीसगढ़ के गरियाबंद से अपने तीन साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में विशेष न्यायाधीश NDPS एक्ट रायपुर ने उसे 15 साल की सजा सुनाई थी। जेल से फरार होने के बाद वह उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन इलाके में अपने एक दोस्त के साथ रहकर आरओ का काम कर रहा था और पहचान छिपाने के लिए दोस्त का आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस इस्तेमाल कर रहा था।
आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाना कोतवाली आगरा में दाखिल कर विवेचक को सुपुर्द कर दिया गया है। इसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया। आगे की कानूनी कार्रवाई छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा की जा रही है।