कौशांबी में जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। डीएम ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत इतने अपराधियों को जिला बदर का आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि असामाजिक गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कौशांबी में जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Kaushambi: कौशांबी में प्रशासनिक सक्रियता एक बार फिर देखने को मिली, जब डॉ अमित पाल ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सीसीटीवी कक्ष का निरीक्षण करते हुए निगरानी प्रणाली की कार्यप्रणाली को परखा और लॉगबुक का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि चुनाव से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
इसी दिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा संदेश देते हुए बड़ी कार्रवाई भी की। जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के तहत चार व्यक्तियों को जिला बदर करने का आदेश जारी किया।
कौशांबी में डीएम ने कानून व्यवस्था पर कसा शिकंजा (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
जिला बदर किए गए व्यक्तियों में अनिल कुमार पुत्र जगतपाल (ग्राम भक्तन का पुरवा, थाना मंझनपुर) और जय सिंह उर्फ उण्टा पुत्र जुग्गीलाल (ग्राम धर्मुहापुर, थाना मंझनपुर) को 3-3 माह के लिए जिले से बाहर रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं बृजेश कुमार उर्फ पप्पू सोनकर (ग्राम मवई, थाना महेवाघाट) और ललई तिवारी (ग्राम इचौली, थाना कोखराज) को 6-6 माह के लिए जिला बदर किया गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि असामाजिक तत्वों पर इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि आम जनता में सुरक्षा का माहौल बना रहे और चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।