सोनभद्र में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई गई। बाबा सोमनाथ और भूतेश्वर मंदिरों में हजारों श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर पूजा-अर्चना की, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

सोनभद्र में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई गई
Sonbhadra: जिले में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के प्रमुख मंदिरों और शिवालयों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। भक्तों ने उपवास रखते हुए रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और शिव स्तुति में भाग लिया। पूरे दिन 'हर हर महादेव' और 'बम बम भोले' के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा।
चोपन ब्लॉक के गोठानी गांव में स्थित बाबा सोमनाथ मंदिर, जिसे गुप्तकाशी भी कहा जाता है, महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बना। सुबह मंगला आरती के बाद भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक किया गया। मंदिर को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। श्रद्धालु सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े होकर जल, बेलपत्र और दूध अर्पित कर रहे थे।
माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 15वीं सदी में अगोरी पर खरवार राजवंश के शासनकाल के दौरान हुआ था। राजा मुलागत ने मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह मंदिर अगोरी राजवंश और वीर लोरिक से जुड़ा होने के कारण ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
ओबरा के बाबा भूतेश्वर दरबार शिव मंदिर और डाला स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर में भी विशेष अभिषेक अनुष्ठान आयोजित किए गए। भूतेश्वर दरबार में स्थित गुफा में महादेव का रहस्यमयी संसार बसा हुआ है। श्रद्धालु गुफा के अंदर 30 से 35 फीट तक जाकर दर्शन-पूजन कर रहे थे। अब तक इस गुफा में 50 से अधिक प्राकृतिक शिवलिंग मिल चुके हैं। यह स्थल शिव साधना और नागलोग से जुड़े होने के कारण भक्तों में विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है।
बाबा सोमनाथ मंदिर और भूतेश्वर दरबार में विशेष अभिषेक
महाशिवरात्रि पर आए श्रद्धालुओं ने न केवल अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की, बल्कि देश की उन्नति, सामाजिक भाईचारे और शांति के लिए भी प्रार्थना की। कुछ भक्तों ने आगामी भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच में भारत की जीत के लिए भी पूजा-अर्चना की। बच्चों और युवाओं में भी उत्साह देखने को मिला।
मंदिर प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं कीं। पुलिस और मेडिकल टीम मंदिर परिसर में मौजूद रही, जिससे दर्शन और पूजा शांतिपूर्वक संपन्न हो सके। मंदिर परिसर के पास मिठाई और अन्य दुकानों के साथ खेल-खिलौने की दुकानें भी सजाई गई थीं, जहां श्रद्धालु खरीदारी करते हुए पर्व का आनंद ले रहे थे।
सोनभद्र जिले के सभी शिवालयों में इस दिन रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और शिव स्तुति के कार्यक्रम आयोजित किए गए। भक्तों की भागीदारी और प्रशासनिक व्यवस्था ने महापर्व को हर्षोल्लास के साथ संपन्न कराया। मंदिरों में गूंजते 'शिव शंभू' और 'बम बम भोले' के जयकारे पूरे क्षेत्र को धार्मिक उत्साह से भरपूर कर रहे थे।