कोल्हुई कस्बे की सुनारी गली में बांस और लकड़ी के सहारे लटकते बिजली तार हादसे को न्योता दे रहे हैं। शिव मंदिर के पास अस्थायी और खतरनाक बिजली व्यवस्था से स्थानीय लोग दहशत में हैं। विभागीय लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं और स्थायी समाधान की मांग तेज हो गई है।

लटकते बिजली तार बने परेशानी की वजह
Maharajganj: कोल्हुई कस्बे के सुनारी गली में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शिव मंदिर के पास बिजली आपूर्ति के लिए जो व्यवस्था की गई है, वह न केवल अव्यवस्थित है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है। यहां बिजली के तार बांस की बल्लियों और लकड़ी के फट्टों के सहारे लटकाए गए हैं, जो कभी भी टूटकर गिर सकते हैं और बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुनारी गली में लंबे समय से बिजली की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। बिजली विभाग ने अस्थायी समाधान के नाम पर बांस और लकड़ी के सहारे तारों को टांग दिया है। यह व्यवस्था न तो तकनीकी मानकों के अनुरूप है और न ही सुरक्षित। खुले में झूलते तार बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश या तेज हवा के दौरान ये तार और नीचे झुक जाते हैं। ऐसे में करंट फैलने या तार टूटकर गिरने की आशंका बनी रहती है। संकरी गली होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजाना इन तारों के नीचे से गुजरना पड़ता है, जिससे हर समय डर का माहौल बना रहता है।
सुनारी गली में रहने वाले अमरनाथ, गणेश, अरशद सहित कई लोगों ने बताया कि वे कई बार इस समस्या की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी शायद तभी जागेंगे जब कोई बड़ा हादसा हो जाएगा। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि उनकी सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है।
लटकते बिजली तार न केवल राहगीरों के लिए खतरा हैं, बल्कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी जोखिम बने हुए हैं। खुले और नीचे लटके तारों से करंट लगने की आशंका हर समय बनी रहती है। यदि कोई बच्चा खेलते समय या कोई व्यक्ति अनजाने में इन तारों को छू ले, तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकता है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कभी क्षेत्र का निरीक्षण करते हैं या केवल कागजों में ही सब कुछ दुरुस्त दिखाया जाता है। लोगों का आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण यह खतरनाक स्थिति बनी हुई है।
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स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द लटकते तारों को हटाकर पोल और सुरक्षित वायरिंग की स्थायी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि अस्थायी जुगाड़ से नहीं, बल्कि मानक के अनुसार बिजली आपूर्ति की जानी चाहिए।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया और कोई हादसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और विभाग को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।