केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने इसे विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

बोले आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’
Maharajganj: प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए इसे देश के भविष्य को दिशा देने वाला दूरदर्शी विजन डॉक्यूमेंट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की मजबूत आधारशिला है।
डॉ. दयालु ने कहा कि बीते 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आम जनता की सुविधा, आर्थिक विकास, नवाचार और रोजगार सृजन पर निरंतर काम किया है, जिसकी झलक इस बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सभी को ध्यान में रखकर यह बजट तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए अब तक का सबसे बड़ा निवेश किया है। जहां वर्ष 2014-15 में इंफ्रास्ट्रक्चर बजट 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो ऐतिहासिक उपलब्धि है।
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डॉ. दयालु ने कहा कि बजट में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के लिए विशेष रूप से लाभकारी होंगे। इससे नोएडा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहर तेज़ी से जुड़ेंगे, यात्रा सुगम होगी और पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही डांकुनी से सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण होगा, जिसका बड़ा हिस्सा यूपी से गुजरेगा। अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग विकसित किए जाएंगे। वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर शिप-रिपेयर और मरम्मत केंद्र स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे, जिन पर प्रति शहर 5000 करोड़ रुपये तक निवेश होगा। पर्यटन क्षेत्र में पांच बड़े डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे, जिनमें उत्तर प्रदेश के सारनाथ और हस्तिनापुर को अनुभवात्मक पर्यटन केंद्र के रूप में उभारा जाएगा। रक्षा बजट को लेकर डॉ. दयालु ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला बजट है, जिसमें रक्षा क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए भारी प्रावधान किए गए हैं, जिससे भारत की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को रोजगार का इंजन बताते हुए उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं को और सशक्त किया गया है। बायोफार्मा शक्ति परियोजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और शिपिंग कंटेनर निर्माण जैसी योजनाएं भारत को औद्योगिक महाशक्ति बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।
एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड, पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार तथा खादी, हथकरघा और टेक्सटाइल उद्योगों को विशेष सहायता दी गई है, जिससे उत्तर प्रदेश के कुटीर उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी।
आयुष क्षेत्र में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना होगी। युवाओं और महिलाओं के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्रों के पास यूनिवर्सिटी टाउनशिप और स्किल डेवलपमेंट बजट में 62 प्रतिशत वृद्धि से रोजगारोन्मुख शिक्षा को बल मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी और हर जिले में ट्रॉमा व इमरजेंसी सेंटर स्थापित किए जाएंगे। कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 7 प्रतिशत अधिक है। एआई आधारित कृषि विस्तार योजनाएं और मजबूत समर्थन मूल्य किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सहायता और टैक्स डिवोल्यूशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश को लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे, जिससे विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। अंत में डॉ. दयालु ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करता है और उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश को आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर तेज़ी से ले जाएगा।