
Maharajganj: नगरपालिका सिसवा कस्बे के वार्ड नम्बर पांच गांधी नगर के नारी टोला में शनिवार की देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे मिट्टी और कीचड़ से सना एक नवजात शिशु लावारिस हालत में पड़ा मिला। गनीमत रही कि सही समय पर लोगों की नजर पड़ गई और तत्परता से अस्पताल पहुंचाने के कारण नवजात को नया जीवन मिल सका।
घटना रात करीब 10 बजे की है। नारी टोला निवासी गोपाल पांडेय के घर के सामने कुत्तों के झुंड के बीच से किसी नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। जब आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गए। झाड़ियों और कीचड़ के बीच एक नवजात शिशु रो रहा था और पास में ही कुत्ते मंडरा रहे थे।
शोर सुनकर मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही वार्ड सभासद शिबू मल्ल फौरन मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए नवजात को अपनी गोद में उठाया और सुरक्षित स्थान पर ले गए। इसके साथ ही उन्होंने तत्काल कोठीभार पुलिस को मामले की जानकारी दी और बच्चे को लेकर सिसवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने डॉक्टरों की टीम के साथ तुरंत नवजात का इलाज शुरू किया। डॉ. विद्यासागर के अनुसार, अस्पताल लाते समय बच्चे की हालत काफी गंभीर थी। शरीर पर मिट्टी और कीचड़ जमा होने के साथ-साथ इन्फेक्शन का खतरा बना हुआ था। हालांकि, समय पर इलाज मिलने से उसकी स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और अब स्वास्थ्य में सुधार है।
घटना की सूचना पर सिसवा चौकी प्रभारी दिव्यप्रकाश मौर्य भी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से बच्चे के स्वास्थ्य का अपडेट लिया। पुलिस ने नवजात को अपनी सुरक्षात्मक निगरानी में ले लिया है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए उसे चाइल्ड लाइन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
घनी आबादी वाले इलाके में इस तरह नवजात को बेसहारा और तड़पता छोड़ जाने की घटना से स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं का बाजार गर्म है। पुलिस इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि आखिर कड़कड़ाती रात में मासूम को कुत्तों के बीच मरने के लिए किसने छोड़ा था।
आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और हाल के दिनों में हुए प्रसव के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि कलयुगी माता-पिता का सुराग लगाया जा सके।
Location : Maharajganj
Published : 6 September 2026, 5:58 AM IST