नौतनवा कस्टम पर कबाड़ कारोबारी का बड़ा आरोप, 1.50 लाख की डिमांड, मारपीट और जबरन हस्ताक्षर का दावा

महराजगंज के नौतनवा में कस्टम विभाग के अधिकारियों पर कबाड़ कारोबारी ने ट्रक छोड़ने के बदले डेढ़ लाख रुपये मांगने, मोबाइल छीनने, जबरन कबाड़ लोड कराने और कस्टम कार्यालय में मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर जांच, सुरक्षा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 21 September 2026, 11:50 PM IST
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Maharajganj: नौतनवा कस्टम विभाग के अधिकारियों पर कबाड़ कारोबारी से कथित वसूली और मारपीट के गंभीर आरोप लगे हैं। नौतनवा नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 19 निवासी कबाड़ कारोबारी महेश कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजकर नौतनवा कस्टम के अधिकारियों पर ₹1.50 लाख मांगने, ट्रक सीज करने की धमकी देने, मोबाइल छीनने और कार्यालय में मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही अपने जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, वह पिछले करीब 14 वर्षों से कबाड़ का कारोबार कर रहा है और उसके पास जीएसटी नंबर भी है। उसका कबाड़ डंपिंग सेंटर कुन्सेरवा बाईपास, वार्ड नंबर छह, गांधी नगर (हरियाली), सोनौली नगर पंचायत के पास स्थित है।

महेश शर्मा ने शिकायती पत्र में बताया कि 19 सितंबर 2026 की रात करीब नौ बजे उसका कंटेनर ट्रक संख्या NL04AA0684, जिसमें चार से पांच बोरी कबाड़ रखा था, नौतनवा बाईपास स्थित गुरुद्वारे के पास से काटा कराने के लिए जा रहा था। इसी दौरान नौतनवा कस्टम के अधिकारी सरवन कुमार जायसवाल, बीएसके पाल और उनकी टीम ने ट्रक को रोक लिया।

आरोप है कि ट्रक को उसके डंपिंग सेंटर पर ले जाकर अधिकारियों ने वाहन छोड़ने के बदले ₹1.50 लाख की मांग की और रकम नहीं देने पर ट्रक सीज कर तीन महीने के लिए प्रतिबंधित करने की बात कही।

पीड़ित का कहना है कि उसने तत्काल रकम उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए अगले दिन सुबह तक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। शिकायत के मुताबिक, 20 सितंबर की सुबह कस्टम अधिकारी और उनकी टीम दोबारा डंपिंग सेंटर पर पहुंचे तथा पैसों के संबंध में पूछताछ की। जब कारोबारी ने रकम की व्यवस्था नहीं होने की बात कही तो कथित रूप से अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों और मजदूरों से ट्रक में कबाड़ लोड कराना शुरू कर दिया।

महेश शर्मा का दावा है कि इस घटना का वीडियो उसके पास मौजूद है, जिसमें अधिकारियों की मौजूदगी में कबाड़ ट्रक में लोड कराया जा रहा है। इसी दौरान वीडियो बनाने पर अधिकारियों द्वारा उसका मोबाइल फोन छीनने और उसे जबरन सरकारी वाहन में बैठाने का भी आरोप लगाया गया है।

कस्टम कार्यालय में मारपीट और जबरन हस्ताक्षर का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिना खाना खाए रहने के कारण उसकी तबीयत खराब होने लगी, जिसके बाद करीब तीन बजे उसे खाना खाने के लिए छोड़ा गया। इसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे अधिकारी उसके घर पहुंचे और उसे तथा उसके चालक अजीत सिंह के सामने गाली-गलौज करते हुए कस्टम कार्यालय ले गए।

शिकायती पत्र में महेश शर्मा ने आरोप लगाया है कि कस्टम कार्यालय में सरवन कुमार जायसवाल और एक अन्य कर्मचारी ने उसके साथ थप्पड़ और घूंसों से मारपीट की। इसके बाद उसे घेरकर एक कागज पर लिखी सामग्री पढ़ने का मौका दिए बिना हस्ताक्षर करा लिए गए। पीड़ित का कहना है कि बाद में उसे और उसके चालक को छोड़ दिया गया।

ट्रक छुड़ाने के लिए फिर ₹70 हजार मांगने का दावा

शिकायतकर्ता के अनुसार, अगले दिन सुबह कस्टम अधिकारियों की ओर से फिर फोन आया और ट्रक छुड़ाने के लिए ₹70 हजार लेकर आने को कहा गया। आर्थिक स्थिति के कारण वह रकम लेकर नहीं जा सका। पीड़ित ने आरोप लगाया कि कस्टम अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उसका शारीरिक, आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है।

महेश कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि यदि उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाती है तो वह कथित रूप से फर्जी और निराधार होगी। उसने नौतनवा कस्टम अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने जान-माल को खतरा बताते हुए किसी अप्रिय घटना की आशंका भी जताई है।

पीड़ित ने आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग 

पीड़ित ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की किसी सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने, सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कस्टम अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि जिलाधिकारी महराजगंज, पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी नौतनवा और सीमा शुल्क विभाग के लखनऊ स्थित चीफ कमिश्नर को भेजी गई है।

 

Location :  Maharajganj

Published :  21 September 2026, 11:50 PM IST

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