खाद के साथ नैनो यूरिया खरीदने का दबाव? महराजगंज में किसान दिवस पर फूटा किसानों का गुस्सा, अधिकारियों के सामने उठे बड़े सवाल

महराजगंज में किसान दिवस की बैठक के दौरान किसानों ने खाद की बिक्री और कीमतों को लेकर अपनी परेशानी अधिकारियों के सामने रखी। यूरिया-डीएपी के साथ नैनो उर्वरकों की टैगिंग का मुद्दा उठा तो कृषि विभाग की व्यवस्था पर सवाल सामने आए।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 21 October 2026, 7:41 PM IST
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Maharajganj: विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में खाद की टैगिंग, निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और कृषि निवेशों की उपलब्धता को लेकर किसानों ने अपनी समस्याएं उठाईं।

किसानों ने यूरिया-डीएपी के साथ नैनो उर्वरकों की टैगिंग का मुद्दा उठाते हुए खाद की बिक्री में निर्धारित दरों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की। बैठक में पराली जलाने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई, वहीं आगामी रबी सीजन के लिए बीजों की उपलब्धता और उर्वरकों के वैज्ञानिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।

खाद की टैगिंग और महंगी बिक्री पर उठे सवाल

किसान दिवस में मिठौरा विकास खंड के ग्राम बरवा राजा निवासी किसान अजय चौरसिया ने यूरिया एवं डीएपी उर्वरक के साथ नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की टैगिंग किए जाने और निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद बेचे जाने की समस्या अधिकारियों के सामने रखी। इस मुद्दे ने उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानी सामने ला दी।

वहीं, सिसवा विकास खंड के ग्राम परसा गिदही निवासी किसान रमेश चन्द्र पटेल ने उर्वरकों की उपलब्धता और किसानों की भूमि की जरूरत के अनुसार खाद मुहैया कराने की मांग उठाई। सदर विकास खंड के ग्राम नेता सुरहुरवां निवासी किसान संतराज यादव ने खाद, बीज और उद्यान विभाग से संबंधित कृषि निवेश समय से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

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सीडीओ की अध्यक्षता में किसानों की समस्याओं पर चर्चा

विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कृषि एवं कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों और किसानों ने भाग लिया। बैठक में किसानों की समस्याएं सुनने के साथ कृषि निवेशों की उपलब्धता, उर्वरक वितरण, फसल अवशेष प्रबंधन और आगामी रबी सीजन की तैयारियों पर चर्चा की गई।

किसानों की ओर से उठाए गए मुद्दों में खाद की बिक्री, उपलब्धता और कृषि संबंधी जरूरतों को प्रमुखता मिली। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में इन समस्याओं को सामने रखा गया।

पराली जलाई तो हो सकती है दंडात्मक कार्रवाई

किसान दिवस में उप कृषि निदेशक ने किसानों को धान की पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने किसानों से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन अपनाने और दूसरे किसानों को भी जागरूक करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में पराली जलाने पर संबंधित किसानों को दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

ज्यादा खाद डालना बेहतर उत्पादन की गारंटी नहीं

एआर कोऑपरेटिव सुनील गुप्ता ने किसानों को उर्वरकों के वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अधिक मात्रा में खाद डालने से उत्पादन बढ़ने की गारंटी नहीं होती। इसके उलट, जरूरत से ज्यादा उर्वरक का इस्तेमाल फसल और भूमि की उर्वरता को नुकसान पहुंचा सकता है। किसानों को फसल की आवश्यकता के अनुसार खाद का इस्तेमाल करना चाहिए।

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सभी विकास खंडों में रबी सीजन के बीज उपलब्ध

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी रबी सीजन के लिए गेहूं, दलहन और तिलहन के बीज तथा दलहनी एवं तिलहनी फसलों की बीज मिनीकिट जनपद के सभी विकास खंडों में उपलब्ध हो गई हैं। किसानों से संबंधित विभागों से संपर्क कर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बीज और अन्य कृषि निवेश प्राप्त करने की अपील की गई।

किसान दिवस में जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, इफको एवं नाबार्ड के जिला प्रबंधक, मत्स्य, उद्यान, गन्ना, खाद्य एवं रसद, सिंचाई, विद्युत और दुग्ध विकास विभाग के अधिकारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Location :  Maharajganj

Published :  21 October 2026, 7:41 PM IST

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