VS Enterprises की राह पर विवादित DMK कम्पनी! चयनित अभ्यर्थी की ज्वाइनिंग रोकने का आरोप, जांच के आदेश के बाद काली सूची की तलवार?

महराजगंज में ECCE Educator भर्ती प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है। एक चयनित अभ्यर्थी ने सेवा प्रदाता कम्पनी DMK INDIA CONSULTANT & SERVICES PVT LTD पर ज्वाइनिंग रोकने और आवेदन निरस्त कराने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 25 September 2026, 11:18 AM IST

Maharajganj: बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ECCE Educator पद की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सेवा प्रदाता कम्पनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ष 2025 में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान सेवा प्रदाता कम्पनी VS Enterprises के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और अन्य शिकायतों के बाद कार्रवाई की गई थी।

अब वर्ष 2026 में चयन प्रक्रिया का जिम्मा संभालने वाली DMK INDIA CONSULTANT & SERVICES PVT LTD कम्पनी को लेकर भी शिकायत सामने आई है। मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र के बड़हरामीर की आवेदिका प्रज्ञा पटेल पत्नी विमलेश पटेल ने कम्पनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

VS Enterprises के बाद DMK कम्पनी पर उठे सवाल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत ECCE Educator पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। उस समय सेवा प्रदाता कम्पनी VS Enterprises के माध्यम से चयन प्रक्रिया का कार्य लगभग 75 प्रतिशत तक पूरा हो चुका था। हालांकि, वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों और विभिन्न शिकायतों के चलते कम्पनी को काली सूची में डाल दिया गया।

इसके बाद वर्ष 2026 में नियुक्ति प्रक्रिया के लिए नया टेंडर कराया गया, जिसमें चौरी जंगल, जंगल बड़हरा, पनियरा स्थित DMK INDIA CONSULTANT & SERVICES PVT LTD कम्पनी को कार्य मिला। शुरुआत में नियुक्ति प्रक्रिया का कामकाज आगे बढ़ा, लेकिन अब एक आवेदिका की शिकायत ने कम्पनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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चयन के बावजूद ज्वाइनिंग नहीं कराने का आरोप

मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र के बड़हरामीर निवासी प्रज्ञा पटेल का आरोप है कि ECCE Educator पद के लिए चयन होने के बावजूद कम्पनी ने उनकी ज्वाइनिंग नहीं कराई। आवेदिका के मुताबिक, चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ने के बाद भी उन्हें नियुक्ति का लाभ नहीं मिल सका।

प्रज्ञा पटेल ने कम्पनी पर यह भी आरोप लगाया है कि डाक विभाग के माध्यम से एक फर्जी पत्र भेजकर उनके आवेदन को निरस्त कर दिया गया। अगर शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, पत्र की वास्तविकता और आवेदन निरस्त किए जाने के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जांच पर टिकी निगाहें

आवेदिका की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को जांच के निर्देश दिए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाना है कि प्रज्ञा पटेल का चयन किस आधार पर हुआ था, ज्वाइनिंग क्यों नहीं कराई गई और आवेदन निरस्त करने के लिए भेजे गए पत्र की वास्तविकता क्या है।

Location :  Maharajganj

Published :  25 September 2026, 11:18 AM IST