Maharajganj: बार-बार आने वाली शिकायतों पर अब होगी सख्त कार्रवाई? डीएम गौरव सिंह सोगरवाल का नया फरमान

"महराजगंज जिले के नवागत जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बॉर्डर क्षेत्र के विभिन्न थानों का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को सुना और लंबित प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पूरी रिपोर्ट के लिए पढ़ें।"

Updated : 9 May 2026, 2:42 PM IST
google-preferred

Maharajganj: महराजगंज जिले के नवागत जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कार्यभार संभालते ही जनसुनवाई को अपनी प्राथमिकता बना लिया है। शनिवार को 'थाना समाधान दिवस' के अवसर पर जिले के आला अधिकारी भारत-नेपाल सीमा (बॉर्डर क्षेत्र) से सटे थानों पर पहुंचे और आम जनता की समस्याओं को सुना।

प्रमुख थानों का निरीक्षण और जनसुनवाई

डीएम और एसपी ने विशेष रूप से फरेंदा, पुरंदरपुर और कोल्हुई थानों का दौरा किया। इस दौरान वहां मौजूद फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद अधीनस्थ अफसरों को सख्त निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी न हो, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक होना चाहिए।

राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम पर जोर

डाइनामाइट न्यूज़ से एक एक्सक्लूसिव बातचीत में डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा, "राजस्व और पुलिस टीम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है। सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि जो मामले बार-बार सामने आ रहे हैं, उन्हें चिह्नित करें और प्रभावी कार्रवाई करें ताकि उनका स्थायी समाधान हो सके।"

लोक अदालत में सुलह-समझौते से विवाद निपटाने की पहल, न्याय व्यवस्था को गति देने पर फोकस

पुलिस अधीक्षक की कड़े निर्देश और प्रशासनिक सक्रियता

पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने जमीन से जुड़े विवादों के समाधान को प्राथमिकता देते हुए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन संबंधी सभी प्रकरणों के निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व की टीमें अनिवार्य रूप से संयुक्त रूप से मौके पर जाएं, ताकि आमजन को अलग-अलग विभागों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें त्वरित व न्यायपूर्ण समाधान मिल सके।

महराजगंज में क्रेडिट कार्ड बिल जमा कराने के नाम पर युवक से ठगी

इसके साथ ही, उन्होंने निर्देशित किया कि थाना स्तर, आईजीआरएस (IGRS) या अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त होने वाले सभी प्रार्थना पत्रों को रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। समाधान दिवस के अवसर पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में पारदर्शिता के साथ मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। विशेष रूप से बॉर्डर क्षेत्रों में प्रशासन की इस बढ़ती सक्रियता का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और भू-विवादों से उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की समस्याओं को जड़ से समाप्त करना है।

बॉर्डर क्षेत्र में प्रशासनिक सक्रियता

नवागत अधिकारियों की इस सक्रियता से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों में विश्वास बढ़ा है। समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने थाने के अभिलेखों का भी निरीक्षण किया और पुलिस कर्मियों को जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत दी।

Location :  Maharajganj

Published :  9 May 2026, 1:51 PM IST

Advertisement