
महराजगंज के डीएम ने अफसरों के साथ की बैठक (सोर्स: डाइनामाइट न्यूज़)
Maharajganj: महराजगंज में जमीन से जुड़े झगड़े और राजस्व विवाद अब प्रशासन की रडार पर आ चुके हैं। गांवों में लंबे समय से दबे पड़े भूमि विवादों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। साफ संदेश दे दिया गया है कि अब लापरवाही, ढिलाई या फाइलों में खेल नहीं चलेगा। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने रविवार को आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि अगले कुछ दिनों में जमीन पर असर दिखना चाहिए, वरना जिम्मेदारी तय होगी।
रविवार को जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में भूमि विवाद मुक्त राजस्व ग्राम और फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों अभियानों की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि भूमि विवाद मुक्त राजस्व ग्राम अभियान के तहत लगभग 50 प्रतिशत गांवों में वादों के चिन्हांकन और श्रेणीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि बाकी गांवों में यह प्रक्रिया अभी जारी है।
इस प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी और सख्ती दोनों दिखाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर हर हाल में चिन्हांकन का काम पूरा किया जाए। इसके बाद भूमि विवादों के निस्तारण की प्रक्रिया युद्धस्तर पर शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर इस अभियान का असर गांवों और राजस्व अभिलेखों में साफ दिखाई देना चाहिए। इसके लिए संबंधित उप जिलाधिकारी और तहसीलदारों को सीधे तौर पर जिम्मेदार बनाया गया है।
बैठक में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने इसे शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि किसानों का पंजीकरण समय पर पूरा हो सके। उन्होंने लेखपालों की भूमिका को बेहद अहम बताते हुए निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर गांवों में रात्रि प्रवास कर खतौनी से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए।
जिलाधिकारी ने 06 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां फॉर्मर रजिस्ट्री का काम सबसे कम हुआ है। इन गांवों में विशेष कैंप लगाकर खतौनी शुद्धिकरण, नेम मैच स्कोर (NMS) और अंश निर्धारण जैसी प्रक्रियाएं पूरी कराई जाएंगी। साथ ही किसानों को अधिक से अधिक संख्या में फॉर्मर रजिस्ट्री के लिए प्रेरित किया जाएगा।
DM ने निर्देश दिया कि राजस्व विभाग के लेखपाल, कृषि विभाग के तकनीकी सहायक वर्ग-सी, खंड तकनीकी प्रबंधक (BTM) और सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM) को कैंप मोड में ऑपरेटर के रूप में लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कैंप स्थलों पर बिजली, इंटरनेट, कुर्सी और मेज जैसी जरूरी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध हों।
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ फॉर्मर आईडी के माध्यम से ही मिलेगा। ऐसे में इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आम जनता और किसानों से अपील की कि वे कैंपों में पहुंचकर अपनी फॉर्मर आईडी जरूर बनवाएं और प्रशासन के इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
Location : Maharajganj
Published : 5 April 2026, 7:01 PM IST