महराजगंज में जिला स्वच्छता समिति की बैठक में डीएम संतोष कुमार शर्मा ने शौचालय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। लंबित आवेदनों और रेट्रोफिटिंग में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।

जिला स्वच्छता समिति की बैठक
Maharajganj: महराजगंज जिले में स्वच्छ भारत मिशन और पंचायतीराज विभाग की योजनाओं की प्रगति को लेकर जिला स्वच्छता समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने की।
डाइनामाइट न्यूज़ संवददाता के अनुसार, यह बैठक मंगलवार को कैंप कार्यालय में हुई, जिसमें शौचालय निर्माण, रेट्रोफिटिंग, पंचायत सहायकों की उपस्थिति, ओडीएफ प्लस ग्रामों की स्थिति सहित कई बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) श्रेया मिश्रा ने जानकारी दी कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण से संबंधित कुल 2286 लंबित आवेदनों में से अब तक 454 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 1709 आवेदन अभी भी लंबित हैं।
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इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि शेष सभी आवेदनों का जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और पांच दिनों के भीतर अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही तीन दिनों के अंदर शेष लाभार्थियों की डिमांड जिलास्तर पर भेजने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में रेट्रोफिटिंग कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि रेट्रोफिटिंग की प्रगति 77.13 प्रतिशत से बढ़कर 79.14 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं मॉडल शौचालयों के सत्यापन का कार्य 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। हालांकि निचलौल ब्लॉक में रेट्रोफिटिंग की मात्र 62.31 प्रतिशत प्रगति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने एडीओ पंचायत और खंड प्रेरक को कड़ी फटकार लगाई और एडीओ पंचायत को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान पंचायत सहायकों की उपस्थिति की भी समीक्षा की गई। धानी ब्लॉक की रैंकिंग में गिरावट पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और एडीओ पंचायत को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही जिन पंचायत सहायकों की उपस्थिति लगातार खराब पाई गई है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
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जिलाधिकारी ने पंचायत भवनों में स्थापित अक्रियाशील जनसेवा केंद्रों को शीघ्र चालू कराने, अंत्येष्टि स्थलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बीडीओ द्वारा स्थलीय निरीक्षण कराने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए जिलास्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए ओएसआर (अन्य स्रोतों से राजस्व) में वृद्धि, ओडीएफ प्लस ग्रामों का सत्यापन जल्द पूरा करने और विरासत वृक्ष अभियान को तेज गति से संचालित करने पर भी जोर दिया गया।