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BDO संतोष यादव फिर सवालों के घेरे में
Maharajganj: मनरेगा में कथित अनियमित भुगतान को लेकर निचलौल ब्लॉक की ग्राम पंचायत करमहियां एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वर्ष 2023 में 1,65,927 रुपये की वसूली प्रस्तावित किए जाने के बावजूद कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं होने और अब निजी तालाब पर भुगतान का मामला उठने से खंड विकास अधिकारी निचलौल संतोष कुमार यादव की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पुराने मामले से लेकर वर्तमान भुगतान प्रकरण तक की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि खंड विकास अधिकारी, निचलौल की ओर से पत्रांक 1265/आईजीआरएस/2023-24, दिनांक 9 अगस्त 2023 के आदेश के माध्यम से ग्राम पंचायत करमहियां में मनरेगा कार्य से संबंधित 1,65,927 रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई थी।
प्रार्थना पत्र के मुताबिक, शिकायतकर्ता रवि प्रताप पटेल की निजी भूमि पर स्थित पोखरे की खुदाई उनके द्वारा स्वयं जेसीबी से कराए जाने की बात कही गई थी। इसके बावजूद ग्राम पंचायत की ओर से मनरेगा के तहत पोखरे की खुदाई और सुंदरीकरण का कार्य दर्शाकर सरकारी धनराशि का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया था।
शिकायत के अनुसार, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अवधेश यादव, तकनीकी सहायक रमेश कुमार गुप्ता और ग्राम प्रधान गंगोत्री देवी से 55,309-55,309 रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई थी। अब सवाल उठ रहा है कि वसूली आदेश के बाद वास्तव में कितनी धनराशि जमा हुई और संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की क्या स्थिति है?
पुराने मामले के बीच ग्राम पंचायत करमहियां में राजाराम के नाम दर्ज निजी तालाब पर मनरेगा के तहत भुगतान किए जाने का मामला भी शिकायत में उठाया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच कराने के बजाय खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार यादव की ओर से मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह आरोप अभी शिकायतकर्ता के दावे के रूप में सामने आया है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि संबंधित तालाब पर कौन-सा कार्य दर्शाया गया, मौके पर कितना काम हुआ, किन मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई और किस आधार पर भुगतान किया गया।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि राजाराम के नाम दर्ज निजी तालाब से संबंधित कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही मस्टररोल, मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान अभिलेख और कार्य की वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र जांच हो, ताकि स्पष्ट हो सके कि सरकारी धन का भुगतान नियमानुसार किया गया या नहीं।
इसके अलावा, वर्ष 2023 में प्रस्तावित वसूली की वास्तविक स्थिति, सरकारी खाते में जमा धनराशि और संबंधित लोगों के विरुद्ध की गई विभागीय एवं विधिक कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा गया है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि दोनों मामलों की जांच किसी स्वतंत्र अधिकारी से कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता या किसी स्तर पर कार्रवाई प्रभावित करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जांच पूरी होने तक संबंधित दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने तथा शिकायत पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया है।
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अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। प्रमुख सवाल हैं कि 1,65,927 रुपये की प्रस्तावित वसूली का अनुपालन कितना हुआ, निजी तालाब पर भुगतान के मामले में अभिलेख क्या कहते हैं और बीडीओ संतोष कुमार यादव की भूमिका की जांच में क्या सामने आता है? संबंधित अधिकारियों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Location : Maharajganj
Published : 18 October 2026, 4:00 AM IST
Topics : BDO Santosh Yadav Maharajganj mgnrega irregularities mnrega payment controversy private pond excavation