लखनऊ नगर निगम जल्द होगा मालामाल, ये 57 इंडस्ट्री जल्द होंगी कुर्क, जानें क्यों?

लखनऊ नगर निगम 2.35 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया नहीं चुकाने वाली 57 इंडस्ट्री पर कुर्की की तैयारी में है। नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर चल-अचल संपत्ति की नीलामी और बैंक खाते सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 February 2026, 2:30 PM IST

Lucknow: लखनऊ में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर अब नगर निगम सख्त मोड में आ गया है। 2 करोड़ 35 लाख रुपये का बकाया नहीं चुकाने वाली 57 इंडस्ट्री पर कुर्की की कार्रवाई की तैयारी अंतिम चरण में है। नोटिस के बाद भी टैक्स जमा नहीं करने पर अब सीधे चल-अचल संपत्ति जब्त करने की नौबत आ गई है।

यह कार्रवाई लखनऊ नगर निगम की ओर से नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 507, 509 और 513 के तहत की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी बकाएदार इंडस्ट्री मालिकों को पहले ही नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं हुआ।

चल-अचल संपत्ति की होगी नीलामी

नगर निगम साफ कर चुका है कि हाउस टैक्स नहीं जमा करने पर इंडस्ट्री की चल और अचल संपत्ति की नीलामी कर वसूली की जाएगी। चल संपत्ति में मोटर कार, फ्रिज, कूलर, एसी, टीवी, फर्नीचर तक को जब्त किया जा सकता है। यहां तक कि बैंक खाते भी सीज किए जा सकते हैं। यानी बकाया नहीं चुकाया तो कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा।

नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश के बाद वसूली अभियान तेज कर दिया गया है। वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले अधिकतम रिकवरी का लक्ष्य रखा गया है। नगर निगम का कहना है कि अगर बकाएदार एक फीसदी अतिरिक्त बकाया और कुर्की चार्ज के साथ पूरा भुगतान कर देता है तो कुर्की की कार्रवाई रोकी जा सकती है।

उद्यमियों में नाराजगी

कुर्की नोटिस जारी होने के बाद लखनऊ के कई उद्यमियों ने नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि कई मामलों में गलत बिल भेजे गए हैं और बिना सही आकलन के बकाया दिखाया जा रहा है। उनका कहना है कि नियमों के मुताबिक टैक्स निर्धारण नहीं हो रहा, लेकिन कुर्की की चेतावनी जरूर दी जा रही है।

2024 से छोटे उद्योगों को राहत

सरकार ने सितंबर 2024 से छोटे उद्योगों को राहत देते हुए उनका टैक्स आवासीय दर के बराबर कर दिया था। यह नियम फरवरी 2026 तक लागू है। हालांकि इससे पहले के बकाएदारों पर नगर निगम कार्रवाई कर रहा है। तालकटोरा, चिनहट, सरोजनीनगर और नादरगंज जैसे औद्योगिक इलाकों में करीब 1500 इकाइयां हैं। अधिकारियों के मुताबिक जोन-7 में 63 बकाएदार यूनिट थीं, जिनमें से कई ने नोटिस के बाद भुगतान कर दिया, लेकिन 57 अब भी डिफॉल्टर हैं। इन पर जल्द कुर्की की कार्रवाई हो सकती है।

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  • Lucknow

Published : 
  • 17 February 2026, 2:30 PM IST