
राजधानी में बिजली संकट से जनता त्रस्त (Img: Google)
Lucknow: राजधानी लखनऊ में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। लेकिन बढ़ती खपत का दबाव अब बिजली व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। ओवरलोडिंग, केबल फॉल्ट और तकनीकी खामियों के कारण कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
चिनहट क्षेत्र के शिवपुरी, लौलाई और कमता उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में लंबे समय से ओवरलोडिंग की समस्या बनी हुई है। यहां 250 से अधिक छात्रावासों पर बढ़ते लोड का असर आसपास की कॉलोनियों और बस्तियों पर पड़ रहा है।
मंगलवार रात बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद नाराज लोग शिवपुरी उपकेंद्र पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 50 से 60 लोगों की भीड़ ने करीब एक घंटे तक प्रदर्शन, नारेबाजी और घेराव किया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
उपकेंद्र के अभियंताओं का आरोप है कि हंगामा करने वालों में कई लोग नशे की हालत में थे। कर्मचारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुर्सी-मेज पीटी गईं और कार्यालय के अंदर तक लोग पहुंच गए। इससे अन्य इलाकों की शिकायतों के निस्तारण का काम भी प्रभावित हुआ।
अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में एबीसी केबल जलने से करीब 150 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। बाद में केबल बदलकर आपूर्ति बहाल की गई।
न्यू कैंपस उपकेंद्र के तिवारीपुर नई बस्ती, कोटवा रोड और छठामील इलाके में रात करीब 8 बजे केबल में आग लग गई। इससे लगभग 150 घरों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। मरम्मत कार्य के बाद रात दो बजे बिजली बहाल की जा सकी।
इसी क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से भी आपूर्ति प्रभावित हुई। स्थानीय स्तर पर मवेशियों की मौत की चर्चा रही, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मुस्लिमनगर, जानकीपुरम गार्डन, पैरामाउंट कॉलोनी, मिश्रपुर, आदिलनगर और आशीष नगर जैसे इलाकों में भी लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। कहीं भूमिगत केबल में फॉल्ट आया तो कहीं ओवरलोडिंग के कारण बार-बार बिजली का आना-जाना लगा रहा।
निर्मल होम फीडर पर पेड़ गिरने से भी करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
बुधवार को राजधानी में बिजली की मांग 2035 मेगावाट दर्ज की गई, जो इस सीजन का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। इससे पहले मंगलवार को 2025 मेगावाट की खपत दर्ज हुई थी। महज 24 घंटे के भीतर नया रिकॉर्ड बनने से साफ है कि बिजली नेटवर्क पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेजी से बढ़ती मांग के अनुरूप बिजली ढांचे को मजबूत नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में ऐसे संकट और गहरा सकते हैं। फिलहाल राजधानी के कई इलाकों में लोग निर्बाध बिजली आपूर्ति की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि बढ़ती मांग व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
Location : Lucknow
Published : 11 June 2026, 1:39 PM IST