लखीमपुर खीरी हिंसा: आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, दिवाली मनाने पैतृक घर जा सकेंगे आरोपी

सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को दिवाली मनाने के लिए गृह नगर जाने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने उन्हें 16 नवंबर तक लौटने के निर्देश के साथ पुरानी कड़ी शर्तों को फिर से लागू किया है।

Updated : 26 October 2026, 1:47 PM IST
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Lakhimpur Khiri: बहुचर्चित लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें दिवाली का त्योहार अपने परिवार के साथ गृह नगर में मनाने की इजाजत दे दी है। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को यह राहत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने दी है।

कानूनी राहत और कड़ी शर्तें

आशीष मिश्रा के वकील सिद्धार्थ दवे ने अदालत में दलील दी थी कि पिछले साल भी शीर्ष अदालत ने उन्हें परिवार के साथ दिवाली मनाने की अनुमति दी थी। इस आधार पर कोर्ट ने उन्हें दोबारा राहत दी। हालांकि, अदालत ने उनके उस हलफनामे और आश्वासन को भी रिकॉर्ड पर लिया है, जिसमें उन्होंने वादा किया है कि वे निर्धारित समय के भीतर यानी 16 नवंबर तक अपना गृह नगर छोड़कर वापस लौट आएंगे।

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सुप्रीम कोर्ट ने इस सीमित अवधि की यात्रा के लिए पुरानी सभी कड़ी शर्तों को फिर से लागू किया है। निर्देशों के मुताबिक, लखीमपुर खीरी में रहने के दौरान आशीष मिश्रा केवल अपने परिवार के सदस्यों और करीबी रिश्तेदारों के साथ ही समय बिता सकेंगे। अदालत ने उन्हें यह सख्त हिदायत भी दी है कि वे मामले से जुड़े किसी भी गवाह से संपर्क करने या उन्हें प्रभावित करने की कोई कोशिश नहीं करेंगे।

2021 की उस घटना का बैकग्राउंड

यह पूरा मामला 3 अक्टूबर 2021 का है, जब केंद्र सरकार के तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर एक एसयूवी गाड़ी चढ़ा दी गई, जो कथित तौर पर आशीष मिश्रा की थी। इस घटना और उसके बाद भड़की हिंसक झड़प में चार किसानों और एक पत्रकार समेत कुल आठ लोगों की जान चली गई थी।

इसके बाद गुस्साए भीड़ ने कथित तौर पर गाड़ी के ड्राइवर और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से मिश्रा जमानत पर बाहर हैं, लेकिन उनकी जमानत की शर्तों में यह पाबंदी थी कि वे अपने गृहनगर लखीमपुर खीरी में प्रवेश नहीं कर सकते थे।

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ट्रायल और गवाहों से जुड़ी अपडेट

सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने पीठ को यह भी जानकारी दी कि इस मामले की सुनवाई कर रहे ट्रायल कोर्ट के जज का तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा कर दिया गया है। साथ ही, अदालत को यह भी बताया गया कि केस की सुनवाई के लिए एक नए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (सरकारी वकील) की नियुक्ति की जा चुकी है। इस मामले में कुल 131 गवाह हैं, जिनमें से अब तक 90 गवाहों से पूछताछ पूरी हो चुकी है। नए जज और नए वकील के साथ मामले की कार्यवाही आगे बढ़ रही है।

Location :  Lakhimpur Khiri

Published :  26 October 2026, 1:47 PM IST

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