हिंदी
खीरी के गोला तहसील अंतर्गत थाना मैलानी वन रेंज के बफर जोन क्षेत्र में टाइगर का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट
घटना स्थल पर जांच पड़ताल करती पुलिस ( सोर्स - रिपोर्टर )
लखीमपुर खीरी: जनपद खीरी के गोला तहसील अंतर्गत थाना मैलानी वन रेंज के बफर जोन क्षेत्र में टाइगर का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे ग्राम पंचायत ढाका हरदुआ में बाघ ने एक बार फिर हमला करते हुए एक बछड़े को अपना निवाला बना लिया। यह घटना गोल्डी पुत्र विचित्र सिंह के घर पर हुई, जहां बाघ ने घर के पास से बछड़े को खींचकर जंगल में ले जाकर मार डाला।
डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के मुताबिक घटना की जानकारी मिलते ही वन दरोगा राजाराम तिवारी, फॉरेस्ट गार्ड हरेंद्र सिंह, वॉचर मुशर्रफ अली, राम सिंह और अनिस अहमद सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्र में टाइगर की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और समूह में खेतों में जाने की सलाह दी है।
वन विभाग की टीम ने हमले के बाद टाइगर को खदेड़कर बारोछा नाले की ओर भगाया, लेकिन क्षेत्र में फैले डर और असुरक्षा की भावना को अभी तक कम नहीं किया जा सका है। ग्रामीणों का कहना है कि यह बाघ एक हफ्ते के अंदर तीन हमले कर चुका है। इससे पहले 3 जून को ढाका गांव निवासी नन्हे पुत्र बनवारी के बछड़े को भी बाघ ने मार डाला था। वहीं 4 जून को गुरजीत सिंह पुत्र बलजीत सिंह का पालतू कुत्ता भी टाइगर का शिकार बन गया था। इससे पहले 20 मई को कुकरा गांव में पप्पू पुत्र मुन्ना के घर से बाघ ने बछड़े को खींच कर मार डाला था।
लगातार हो रहे इन हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और टाइगर को जल्द से जल्द पकड़वाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अब यह टाइगर सिर्फ जंगलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आबादी क्षेत्र में घुसकर मवेशियों और पालतू जानवरों को निशाना बना रहा है।
वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि निगरानी तेज कर दी गई है और जरूरत पड़ने पर टाइगर को पकड़ने के लिए विशेष टीम को बुलाया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले बाहर न जाने की सलाह दी गई है।
No related posts found.