कोल्हुई कस्बे में बिजली विभाग की लापरवाही ने लोगों की जान जोखिम में डाल दी है। जर्जर हाईटेंशन तारों को बदलने के बजाय बांस की फट्टियों से सहारा देकर बिजली आपूर्ति जारी है। यह खतरनाक जुगाड़ किसी भी समय बड़े हादसे को जन्म दे सकता है। स्थानीय लोग भयभीत हैं।

जर्जर हाईटेंशन तारों पर बांस की फट्टियों का जुगाड़
Maharajganj: कोल्हुई कस्बे में बिजली विभाग की शैतानी हरकत ने स्थानीय लोगों की जान पर बन रखी है। जर्जर हाईटेंशन तारों को बदलने के बजाय उनमें बांस की फट्टियां बांधकर बिजली आपूर्ति जारी रखी जा रही है। यह खतरनाक जुगाड़ न केवल बिजली व्यवस्था की बदहाली को उजागर करता है, बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे का खतरा पैदा कर रहा है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, कोल्हुई की सुनारी गली समेत कई इलाकों में 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार वर्षों से जर्जर हालत में लटक रहे हैं। विभाग ने इन तारों को नया करने या मजबूत करने की जगह सस्ते जुगाड़ पर भरोसा किया है। बांस की फट्टियां बांधकर तारों को सहारा दिया जा रहा है, जो हवा, बारिश या हल्की आंधी में भी टूट सकता है।
जानकारी के अनुसार, कोल्हुई कस्बे में तार गिरने की दो घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
बिजली विभाग की लापरवाही यहां चरम पर है। विभाग के कर्मचारी जर्जर हाइटेंशन तारों के मुद्दे पर आंखें मूंदे बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई दुर्घटना हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या बांस की फट्टियों पर निर्भर यह व्यवस्था किसी की जान ले लेगी तो विभाग बच पाएगा?
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यह स्थिति न केवल बिजली आपूर्ति को प्रभावित कर रही है, बल्कि किसानों, बच्चों और आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी को खतरे में डाल रही है। खेतों के ऊपर या गलियों में लटकते तार किसी भी वक्त शॉर्ट सर्किट या बिजली गिरने का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोग अब प्रशासन और बिजली विभाग से मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जल्द से जल्द इन जर्जर तारों को बदला जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
गौरतलब है कि यह जर्जर व्यवस्था किसानों, बच्चों और आम नागरिकों के लिए खतरा बन चुकी है। खेतों और गलियों के ऊपर लटकते तार किसी भी वक्त शॉर्ट सर्किट या बिजली गिरने का कारण बन सकते हैं।