दीपावली का बाजार सजते ही सक्रिय हुआ खाद्य विभाग, मिठाइयों की शुद्धता पर उठे सवाल

कासगंज में दीपावली नजदीक आते ही मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी है। दिलचस्प बात यह है कि बाजार में रौनक बढ़ने के साथ खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता भी अचानक तेज हो गई है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या मिठाइयों की शुद्धता की जांच सिर्फ त्योहारों के आसपास ही जरूरी समझी जाती है?

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 4 November 2026, 6:47 AM IST

Kasganj: त्योहार कोई भी हो, मिलावटखोरों की चांदी और खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता अचानक बढ़ जाती है। दीपावली नजदीक आते ही मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ी तो विभाग को भी मिठाइयों की शुद्धता और मिलावट की याद आ गई।

दो नवंबर को अलीगढ़ और हाथरस की जनपदीय टीम ने कासगंज शहर के सात मिठाई एवं खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर नमूने संग्रहित किए। अब इस कार्रवाई के बाद पवन स्वीट्स और शंकर मिष्ठान भंडार का पंजीकरण निलंबित किया गया है। अन्य प्रतिष्ठानों को सुधार सूचना जारी की गई है। सवाल यह है कि मिलावटखोरी के खिलाफ विभाग की यह सक्रियता त्योहारों के बाद भी इसी तरह बरकरार रहेगी या फिर दीपावली के साथ ही अभियान की रफ्तार भी धीमी पड़ जाएगी।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश और सहायक आयुक्त खाद्य अलीगढ़ मंडल के आदेशों के क्रम में दीपावली पर्व पर मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।

इन दुकानों से लिए नमूने

इसके तहत अलीगढ़ और हाथरस की जनपदीय टीम ने दो नवंबर को कासगंज शहर में गौतम स्वीट हाउस, रोशन लाल स्वीट्स, पवन स्वीट्स, लाला श्याम प्रसाद स्वीट्स एंड नमकीन, मुरली कृष्णा स्वीट्स प्राइवेट लिमिटेड, अन्नपूर्णा स्वीट्स और शंकर मिष्ठान भंडार पर निरीक्षण एवं छापेमारी की।

इन दुकानों के किए पंजीकरण निलंबित

कार्रवाई के दौरान टीम ने प्रतिष्ठानों से राजभोग, काजू कलश, सोहन पपड़ी, डोडा बर्फी, छेना रस मलाई, खोया, खीर मोहन, छेना रसगुल्ला और बूंदी लड्डू सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए। इसके बाद विभाग ने तीन नबंवर को पवन स्वीट्स और शंकर मिष्ठान भंडार का पंजीकरण निलंबित करने की कार्रवाई की। वहीं संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार सूचना जारी की गई। संग्रहित नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

त्योहारों पर ही क्यों याद आती है शुद्धता

दीपावली पर मिठाइयों की मांग बढ़ते ही विभाग का बाजार में उतरना और छापेमारी करना आमजन के लिए राहत की बात जरूर है, लेकिन मिलावट का खतरा केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहता। रोजाना बाजार से दूध, खोया, पनीर, मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदने वाले लोगों की सेहत भी इसी व्यवस्था पर निर्भर करती है।

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मिलावट पर रोक लगाने की चुनौती

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए नियमित अभियान नहीं चलाया जा सकता। आखिर शुद्धता की गारंटी केवल दीपावली के आसपास ही क्यों याद आती है।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी रखने और आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि विभाग की यह सक्रियता त्योहार के बाद भी बाजार में नजर आती है या फिर दीपावली बीतते ही मिलावट के खिलाफ कार्रवाई भी ठंडे बस्ते में चली जाती है।

Location :  Kasganj

Published :  4 November 2026, 6:45 AM IST