चतरा के जंगल में दबोचा गया TSPC का वांछित उग्रवादी, कई संगीन मामलों का खुलेगा राज?

चतरा पुलिस ने लंबे समय से फरार टीएसपीसी के वांछित उग्रवादी नरेश गंझू उर्फ रविकांत को जंगल से गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, पुलिस पर हमला और यूएपीए समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 20 July 2026, 6:27 PM IST
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Chatra: नक्सल विरोधी अभियान के तहत चतरा पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के वांछित सदस्य नरेश गंझू उर्फ रविकांत को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे रविकांत पर हत्या, रंगदारी, पुलिस पर हमला, अवैध हथियार रखने और यूएपीए जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी उपलब्धि मान रही है।

गुप्त सूचना ने दिलाई बड़ी सफलता

सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहब ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टीएसपीसी का सक्रिय सदस्य नरेश गंझू अपने पैतृक गांव मंधनिया, थाना लावालौंग क्षेत्र में चोरी-छिपे पहुंचा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया।

पुलिस टीम ने गांव के पास घने जंगल और फुटबॉल मैदान के आसपास घेराबंदी की। काफी देर तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद रविकांत को दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

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कई गंभीर मामलों में था वांछित

पुलिस के अनुसार नरेश गंझू बालूमाथ थाना कांड संख्या 168/19 में लंबे समय से वांछित था। इस मामले में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, पुलिस बल पर हमला, रंगदारी वसूलने, अवैध हथियार रखने, सीएलए एक्ट और यूएपीए की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।

इतना ही नहीं, चतरा और लातेहार जिले के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ कुल छह गंभीर मामले दर्ज हैं। इन मामलों में अपहरण, उग्रवादी गतिविधियों में शामिल होना, पुलिस पर हमला और रंगदारी जैसी घटनाएं भी शामिल हैं।

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चार थानों में दर्ज हैं केस

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रविकांत के खिलाफ बालूमाथ थाना में दो, लावालौंग थाना में दो, कुंदा थाना में एक और सिमरिया थाना में एक मामला दर्ज है। इन सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आर्म्स एक्ट, क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट (सीएलए) एक्ट और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

इस अभियान में सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहब के नेतृत्व में लावालौंग थाना पुलिस, एसएसबी की 35वीं वाहिनी के जवान और सशस्त्र बल की टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि पूरी योजना बेहद गोपनीय रखी गई थी, जिसके चलते आरोपी को भागने का मौका नहीं मिल सका। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ ने कहा कि जिले में नक्सली और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

Location :  Chatra

Published :  20 July 2026, 6:26 PM IST

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