
कांवड़ियों की भीड़ के बीच चल रही खुदाई (IMG: Dynamite News)
Farrukhabad: एक तरफ सड़क पर हजारों कांवड़िए गंगाजल लेकर भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं, दूसरी तरफ उसी रास्ते पर भारी-भरकम JCB मशीन से खुदाई चल रही है। फर्रुखाबाद में सावन के दूसरे सोमवार को श्रृंगीरामपुर-उधरनपुर मार्ग पर सामने आई यह तस्वीर कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। व्यस्त कांवड़ मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान मशीनों का संचालन और सड़क पर खुदाई न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है, बल्कि जरा सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती है।
सावन के दूसरे सोमवार को फर्रुखाबाद जिले में सुबह से ही शिवभक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। अलग-अलग रास्तों से कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान श्रृंगीरामपुर-उधरनपुर मार्ग पर निर्माण कार्य के लिए JCB मशीन से खुदाई की जा रही थी। सड़क पर मशीन की मौजूदगी और खुदाई के कारण कांवड़ियों को उसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा था।
पानी निकासी को लेकर पहले कहासुनी, फिर बरसने लगे लाठी-डंडे! फर्रुखाबाद में मचा हड़कंप
कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल चलते हैं। कई कांवड़िए समूह में यात्रा करते हैं और उनके साथ महिलाएं, बुजुर्ग और युवा भी होते हैं। ऐसे में सड़क पर खुदाई या भारी मशीन का संचालन सामान्य दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा जोखिम भरा हो जाता है। JCB जैसी भारी मशीन जब सड़क पर काम कर रही हो तो उसके आसपास पर्याप्त दूरी और सुरक्षा घेरा होना जरूरी है। अगर किसी कारण से कांवड़ियों का जत्था मशीन के बेहद करीब पहुंच जाए या अचानक किसी दिशा से भीड़ आ जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क हादसे कोई नई बात नहीं हैं। अलग-अलग जिलों से कांवड़ियों के सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होने की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा को लेकर प्रशासन से अतिरिक्त सतर्कता की उम्मीद की जाती है। यही वजह है कि श्रृंगीरामपुर-उधरनपुर मार्ग पर चल रही खुदाई ने स्थानीय लोगों और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
कभी दिल्ली सल्तनत की राजधानी था फर्रुखाबाद का यह छोटा सा कस्बा, जानिए इसका 2500 साल पुराना इतिहास
स्थानीय लोगों के मुताबिक, निर्माण स्थल पर अगर खुदाई जरूरी है तो वहां पर्याप्त बैरिकेडिंग होनी चाहिए। रात या कम रोशनी की स्थिति में दुर्घटना से बचाने के लिए चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर भी लगाए जाने चाहिए। इसके साथ ही कांवड़ियों के लिए अलग सुरक्षित रास्ता बनाया जाना चाहिए, ताकि उन्हें JCB और अन्य निर्माण मशीनों के बीच से होकर न गुजरना पड़े।
Location : Farrukhabad
Published : 10 August 2026, 4:17 PM IST