सोनभद्र के जुगैल गांव में जंगली सियार के हमलों से हड़कंप मचा है। 25 से ज्यादा लोग घायल, अस्पतालों में दवाओं की कमी और वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार।

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Sonbhadra: सोनभद्र के जुगैल ग्राम पंचायत में बीते दो दिनों से ऐसा खौफ पसरा है, जो किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं लगता। अचानक गांव में घुसे एक जंगली सियार ने ताबड़तोड़ हमले कर 25 से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया है। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग कोई भी उसकी चपेट में आने से नहीं बच सका। हालात इतने भयावह हैं कि लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं और पूरा गांव दहशत के साए में जी रहा है।
दो दिन से गांव में सियार का कहर
जुगैल ग्राम पंचायत में पिछले दो दिनों से एक जंगली सियार लगातार लोगों पर हमला कर रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक सियार अचानक गलियों में घुस जाता है और जिस पर नजर पड़ती है, उस पर झपट्टा मार देता है। हमलों में अब तक 25 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, वहीं कई मवेशियों को भी सियार ने काटा है। लगातार हो रहे हमलों से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बने शिकार
सियार के हमलों में सबसे ज्यादा बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग प्रभावित हुए हैं। घायलों में अमर सिंह (30), फुल मती (20), गोलू (11), संदीप (10), गुड्डी (30), बच्चा देवी (60), रामाधार (19), अंकुश (5) और सवनम (25) शामिल हैं। सभी घायल थाना जुगैल क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। अचानक हुए इन हमलों से परिजनों में डर और गुस्सा दोनों साफ दिखाई दे रहा है।
अस्पतालों में दवा नहीं, बढ़ी परेशानी
घायल ग्रामीणों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के तहत टीटी और रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए। लेकिन वहां एंटी-रेबीज सीरम उपलब्ध नहीं था। इसके बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि वहां भी एंटी-रेबीज सीरम नहीं मिला। स्वास्थ्य व्यवस्था की इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
वन विभाग हरकत में, पकड़ने की तैयारी
सियार के आतंक की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दे दी है। वन विभाग का कहना है कि सियार को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं और अगर जरूरत पड़ी तो उसे मार गिराया जाएगा। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है, लेकिन अभी तक सियार पकड़ा नहीं जा सका है।
डर के साए में जी रहा गांव
फिलहाल जुगैल गांव के लोग बेहद डर के माहौल में हैं। ग्रामीण बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर निकलने से रोक रहे हैं। लोगों ने वन विभाग से इलाके में लगातार गश्त और जल्द से जल्द सियार को पकड़ने की मांग की है, जिससे गांव में फिर से सामान्य जीवन लौट सके।