
करोड़ों की संपत्तियों की मौके पर हुई जांच (IMG: Dynamite News)
Deoria: करोड़ों रुपये की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में कहीं स्टाम्प शुल्क की चोरी तो नहीं हुई, कहीं जमीन की कीमत कम दिखाकर सरकारी राजस्व को नुकसान तो नहीं पहुंचाया गया- इन्हीं सवालों का जवाब तलाशने सोमवार को देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी खुद मौके पर पहुंचे। डीएम ने जिले में क्रय-विक्रय की गई तीन संपत्तियों का स्थलीय निरीक्षण किया और मौके की वास्तविक स्थिति को अभिलेखों से मिलाया। जांच के दौरान तीनों संपत्तियों का मूल्यांकन और इस्तेमाल किया गया स्टाम्प मूल्य निर्धारित मानकों के अनुरूप सही पाया गया।
जिलाधिकारी ने सोमवार को क्रय-विक्रय की गई तीन संपत्तियों के मूल्यांकन और स्टाम्प मूल्य की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए स्थलीय निरीक्षण किया। प्रशासन की इस कार्रवाई का मकसद यह देखना था कि संपत्तियों के विक्रय के दौरान जो मूल्यांकन किया गया, वह जमीन और संपत्ति की वास्तविक स्थिति से मेल खाता है या नहीं।
निरीक्षण की शुरुआत तहसील सदर क्षेत्र के अहिलवार बुजुर्ग से हुई। यहां जिलाधिकारी ने लकी सीड मिल की विक्रय की गई संपत्ति का स्थलीय निरीक्षण किया। जानकारी के अनुसार यह संपत्ति आनंद सिंह द्वारा राकेश मिश्रा को करीब एक करोड़ 39 लाख रुपये में बेची गई थी। डीएम ने मौके पर पहुंचकर संपत्ति की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और इससे संबंधित अभिलेखों की जांच की।
इसके बाद जिलाधिकारी बास देवरिया पहुंचे। यहां संजय कुमार द्वारा पवन कुमार त्रिपाठी को बेची गई संपत्ति का निरीक्षण किया गया। इस संपत्ति का मूल्य करीब एक करोड़ 75 लाख रुपये बताया गया है। डीएम ने मौके पर जाकर संपत्ति की वास्तविक स्थिति देखी। साथ ही संबंधित दस्तावेजों और मूल्यांकन रिपोर्ट का भी परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के तीसरे चरण में जिलाधिकारी विकासखंड गौरी बाजार के देवगांव पहुंचे। यहां उन्होंने आलोक एवं मनोज सिंह द्वारा जितेंद्र कुमार मिश्रा को विक्रय की गई कृषि योग्य भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। इस जमीन का मूल्य करीब एक करोड़ सात लाख 79 हजार रुपये बताया गया है। डीएम ने खेत की वास्तविक स्थिति और भूमि से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संपत्तियों के क्रय-विक्रय में निर्धारित मूल्यांकन के अनुसार स्टाम्प मूल्य का इस्तेमाल होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी संपत्ति का मूल्य कम दिखाकर स्टाम्प शुल्क में कमी करने की कोशिश की गई तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। अगर किसी मामले में मूल्यांकन को लेकर शिकायत या संदेह सामने आता है तो प्रशासन की ओर से स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि संपत्तियों के मूल्यांकन और स्टाम्प शुल्क से जुड़े मामलों में अभिलेखों की गहनता से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर संपत्ति की वास्तविक स्थिति का भी परीक्षण किया जाए।
सोमवार के निरीक्षण में तीनों संपत्तियों के मामले में राहत की बात यह रही कि प्रशासन को स्टाम्प मूल्यांकन में कोई कमी नहीं मिली। अहिलवार बुजुर्ग की करीब 1.39 करोड़ रुपये की संपत्ति हो, बास देवरिया की करीब 1.75 करोड़ रुपये की संपत्ति या देवगांव की करीब 1.07 करोड़ रुपये की कृषि भूमि- तीनों मामलों में मौके की स्थिति और अभिलेखों के आधार पर किया गया मूल्यांकन सही पाया गया।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अहिलवार बुजुर्ग में उप जिलाधिकारी सदर मौजूद रहे। वहीं देवगांव में नायब तहसीलदार और सब-रजिस्ट्रार अजय कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
Location : Deoria
Published : 10 August 2026, 6:11 PM IST