सोनभद्र जिले की जिला जेल में एनडीपीएस एक्ट के तहत बंद कैदी राधे श्याम की गुरुवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया
Sonbhadra: जिले में जिला जेल में बंद कैदी राधे श्याम (पुत्र ओमप्रकाश) की गुरुवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद था। सुबह लगभग 5 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना ने परिजनों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता और सवाल खड़े कर दिए हैं।
राधे श्याम के परिजनों का कहना है कि उन्होंने उनसे एक दिन पहले ही मुलाकात की थी और वह स्वस्थ थे। उनके शरीर पर कहीं कोई चोट या खरोंच नहीं थी। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि रात में राधे श्याम को जेल में मारा गया और बाद में दिखावे के लिए इलाज के नाम पर अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने बताया कि मृतक के नाक और मुंह से खून बह रहा था। इसके बाद सुबह 7 बजे उन्हें उसकी मौत की सूचना दी गई।
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सूत्रों के अनुसार, जेल में बंद एक अन्य कैदी ने बताया कि राधे श्याम को जेलर द्वारा प्रताड़ित किया गया था, जिससे उनकी मृत्यु हुई। इस तरह की जानकारी से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। परिजनों ने जेल प्रशासन और पुलिस से इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जिला जेल में हुई घटना, परिजन मांग रहे जवाब
जानकारी के अनुसार, राधे श्याम एचआईवी पॉजिटिव था और अक्सर बीमार रहता था। हालांकि, परिजन का कहना है कि अगर कोई गंभीर दिक्कत होती, तो राधे श्याम उन्हें जरूर बताता। उनकी अचानक मौत ने इस बात पर भी सवाल खड़ा किया है कि जेल में उनका उचित इलाज और देखभाल हो रही थी या नहीं।
परिजनों ने बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें जानकारी दी कि राधे श्याम को रात में ही लाया गया था और तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का खुलासा केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगा।
सोनभद्र पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजन इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। इस घटना ने जेल में कैदियों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।