SIR-2026 में बदली प्रक्रिया, नेपाल-भारत सीमा से जुड़े हजारों नागरिकों को बड़ी राहत; जानें क्या है नया?

निर्वाचन आयोग ने SIR-2026 के तहत विदेश में जन्मे भारतीय नागरिकों को वोटर बनने की सुविधा देकर बड़ा फैसला लिया है। अब फॉर्म-6 और 6A में “Outside India” विकल्प जोड़ दिया गया है। इससे नेपाल-भारत सीमा से जुड़े हजारों भारतीय नागरिकों को राहत मिलेगी।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 2 February 2026, 3:23 PM IST

Maharajganj: भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करते हुए विदेश में जन्मे भारतीय नागरिकों को वोटर बनने की सुविधा दे दी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत अब वे भारतीय नागरिक, जिनका जन्म भारत के बाहर हुआ है, फॉर्म-6 या फॉर्म-6A के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस फैसले से नेपाल-भारत सीमा से जुड़े नागरिकों को विशेष राहत मिली है, जो लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहे थे।

तकनीकी खामी हुई दूर

अब तक मतदाता पंजीकरण फॉर्म में जन्म स्थान के रूप में भारत के बाहर किसी देश का विकल्प उपलब्ध नहीं था। इस कारण नेपाल, भूटान या अन्य देशों में जन्मे कई भारतीय नागरिक, जिनके पास भारतीय नागरिकता है, वोटर लिस्ट में नाम दर्ज नहीं करा पा रहे थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार निर्वाचन आयोग ने इस तकनीकी खामी को दूर कर दिया है।

यूपी के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रशासनिक फेरबदल, 8 नए कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त

डेटा एंट्री सिस्टम में बड़ा बदलाव

नई व्यवस्था के तहत ईआरओ नेट (ERO Net) और बीएलओ ऐप (BLO App) के डेटा एंट्री मॉड्यूल में जन्म स्थान के लिए “Outside India” का विकल्प जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही जन्म के देश का नाम दर्ज करने के लिए अलग टेक्स्ट बॉक्स भी दिया गया है। इससे अब आवेदन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल हो गई है।

ऑफलाइन आवेदन की भी सुविधा

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पात्र नागरिक भौतिक रूप से फॉर्म-6 या फॉर्म-6A भरकर संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) या बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पास आवेदन जमा कर सकते हैं। सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद योग्य पाए जाने पर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा।

नेपाल सीमा से जुड़े जिलों को सबसे ज्यादा फायदा

इस फैसले का सबसे अधिक लाभ महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और अन्य भारत-नेपाल सीमा से जुड़े जिलों के लोगों को मिलेगा। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनका जन्म नेपाल में हुआ है या जिनकी शादी नेपाल में हुई है, लेकिन वे भारतीय नागरिक हैं और भारत में निवास करते हैं।

Budget Session: राहुल गांधी के बयान पर संसद में हंगामा, राजनाथ सिंह का जवाब; जानिये भाषण की खास बातें

व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस नई व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे। सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम बताया है।

Location : 
  • Maharajganj

Published : 
  • 2 February 2026, 3:23 PM IST