
गोरखपुर GIDA
Gorakhpur: पूर्वांचल के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में बुधवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) क्षेत्र में 208 करोड़ की लागत से तैयार और प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने बुधवार 3 जून को किया। कार्यक्रम के दौरान उद्योग, आवास और कौशल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत हुई, जिनसे आने वाले समय में गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इन परियोजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण अत्याधुनिक फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को माना जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस कॉम्प्लेक्स में एक ही परिसर के भीतर 100 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) संचालित किए जा सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे और मध्यम उद्यमियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जमीन, भवन और बुनियादी सुविधाओं की होती है। फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स इस समस्या का समाधान प्रस्तुत करेगा। यहां उद्यमियों को कम लागत में आधुनिक औद्योगिक ढांचा मिलेगा, जिससे वे आसानी से अपना उद्योग स्थापित कर सकेंगे और कारोबार का विस्तार कर पाएंगे।
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औद्योगिक विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना गोरखपुर को पूर्वांचल के एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। जब किसी क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित होती है तो वहां निजी निवेश स्वतः बढ़ने लगता है। फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स के शुरू होने के बाद विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपति यहां निवेश के लिए आकर्षित हो सकते हैं। इसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा। नई औद्योगिक इकाइयों के स्थापित होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
GIDA क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए आवासीय परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य उन परिवारों को बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराना है जो सीमित आय के कारण अपना घर बनाने में सक्षम नहीं हैं।
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कार्यक्रम के दौरान आवास लाभार्थियों और औद्योगिक भूखंड प्राप्त करने वाले उद्यमियों को आवंटन पत्र भी वितरित किए गए। आवंटन पत्र मिलने के बाद लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। औद्योगिक भूखंड आवंटियों का कहना है कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं से उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया आसान होगी और क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में कौशल विकास को भी विशेष महत्व दिया गया। NIELIT कौशल केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल उद्योग स्थापित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन भी जरूरी होता है। NIELIT जैसे संस्थान युवाओं को तकनीकी और डिजिटल कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के लिए तैयार कर रहे हैं।
Location : Gorakhpur
Published : 3 June 2026, 4:41 PM IST
Topics : GIDA Gorakhpur Industrial development MSME uttar pradesh