गरीबों के निवाले में कीड़े! Dynamite News की खबर पर जागा प्रशासन, खराब गेहूं वापस लेने का आदेश

सीतापुर में गरीब कार्डधारकों को कथित तौर पर कीड़े लगा गेहूं बांटे जाने की खबर का बड़ा असर हुआ है। डाइनामाइट न्यूज़ की खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने खाद्यान्न से जुड़े अधिकारियों की बैठक बुलाई और खराब गेहूं तत्काल वापस मंगाने के निर्देश दिए। डीएम ने गुणवत्ता से समझौता नहीं करने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 August 2026, 5:10 PM IST

Sitapur: गरीबों के राशन में कीड़े लगा गेहूं पहुंचने की खबर सामने आने के बाद अब प्रशासन हरकत में आ गया है। सरकारी राशन की दुकानों पर खराब गेहूं भेजे जाने के मामले को लेकर डाइनामाइट न्यूज़ की खबर का बड़ा असर हुआ है। खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने खाद्यान्न से जुड़े अधिकारियों की बैठक बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। डीएम ने जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए राशन की दुकानों पर भेजे गए कीड़े लगे गेहूं को तत्काल वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं।

खबर सामने आते ही प्रशासन ने लिया संज्ञान

सरकारी राशन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था को लेकर कार्डधारकों की शिकायतों को डाइनामाइट न्यूज़ ने प्रमुखता से उठाया था। खबर में राशन की दुकानों पर कीड़े लगे गेहूं के वितरण की शिकायतों का उल्लेख किया गया था। इसके साथ ही कुछ कार्डधारकों ने राशन की मात्रा में कमी और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए थे। खबर में कथित सिंडिकेट को लेकर क्षेत्र में चल रही चर्चाओं का भी जिक्र किया गया था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कथित सिंडिकेट से जुड़े आरोप जांच का विषय हैं।

नदी में रस्सी से बंधा मिला युवक का शव, सिर पर गहरे चोट के निशान; 4 घंटे सीमा विवाद में उलझी सीतापुर-हरदोई पुलिस

डीएम ने अफसरों को लगाई कड़ी फटकार

बैठक में जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं के तहत गरीबों को मिलने वाले खाद्यान्न में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राशन की दुकानों तक पहुंचाए गए जिस गेहूं की गुणवत्ता खराब है, उसे तत्काल वापस मंगाया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कार्डधारकों को खराब या मानक के अनुरूप नहीं होने वाला खाद्यान्न किसी भी हालत में वितरित न किया जाए।

जिला पूर्ति अधिकारी से लेकर एफसीआई तक सक्रिय

डीएम के निर्देश के बाद खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी सक्रिय हो गए। जिला पूर्ति अधिकारी, डिप्टी आरएमओ, एफसीआई गोदाम प्रभारी समेत संबंधित अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खराब गेहूं किस स्तर से राशन की दुकानों तक पहुंचा। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि किन-किन उचित दर विक्रेताओं की दुकानों पर ऐसा गेहूं भेजा गया था।

पंखा चलाते ही आ गई मौत: एक झटके में 7 बच्चों के पिता ने तड़प-तड़पकर छोड़ी दुनिया, पढ़ें सीतापुर का यह दर्दनाक मामला

दुकानों से वापस लिया जाएगा खराब गेहूं

प्रशासन की ओर से सबसे अहम निर्देश खराब गेहूं को वापस मंगाने को लेकर दिए गए हैं। इसका सीधा असर उन राशन कार्डधारकों पर पड़ेगा, जिन्हें खराब गेहूं मिलने की शिकायत थी। अगर किसी दुकान पर खराब गेहूं पहुंचा है तो उसे कार्डधारकों के बीच वितरित करने के बजाय वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि गरीब परिवारों को खाने के लिए गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न ही मिले।

राशन की मात्रा को लेकर भी उठे सवाल

खबर में सिर्फ खराब गेहूं का मुद्दा ही नहीं उठाया गया था। कुछ कार्डधारकों की ओर से राशन की मात्रा को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं। सरकारी राशन व्यवस्था में पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। ऐसे में अगर किसी स्तर पर मात्रा कम दिए जाने की शिकायत सामने आती है तो उसकी भी जांच जरूरी है।

Location :  Sitapur

Published :  11 August 2026, 5:10 PM IST