Hathras News: वन स्टॉप सेंटर में पहुंचीं DLSA सचिव अनु चौधरी, महिलाओं की कानूनी मदद पर दिए निर्देश

हाथरस में वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान डीएलएसए सचिव अनु चौधरी ने तीन पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनी थीं। उन्होंने कर्मचारियों को संवेदनशीलता से काम करने, महिलाओं की जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचाने और पात्र मामलों में प्री-लिटिगेशन स्तर पर कानूनी सहायता की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 18 October 2026, 10:05 AM IST
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Hathras: महिलाओं को संकट की स्थिति में कानूनी, चिकित्सकीय और पुलिस संबंधी सहायता उपलब्ध कराने वाले वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जरूरी निर्देश दिए थे। डीएलएसए सचिव अनु चौधरी ने हाथरस स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति और पीड़ित महिलाओं को दी जा रही सहायता का जायजा लिया था।

उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह निरीक्षण 7 मार्च 2026 को हुआ था। उस दौरान केंद्र पर तीन पीड़ित महिलाओं की मौजूदगी दर्ज की गई थी। सचिव ने महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित कर्मचारियों को उनके मामलों में प्रभावी सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

महिलाओं की समस्याओं के समाधान पर जोर

निरीक्षण के दौरान केंद्र की संचालिका मनीषा भारद्वाज, फारिया नौशी और अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। सचिव ने केंद्र की साफ-सफाई के साथ महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी, चिकित्सकीय और पुलिस संबंधी सहायता की व्यवस्था का भी जायजा लिया।

उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। महिलाओं को समय पर सहायता मिले, ताकि उन्हें न्याय पाने की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

DLSA तक पहुंचाई जाए पीड़ित महिलाओं की जानकारी

अनु चौधरी ने केंद्र की संचालिका को निर्देश दिए थे कि वन स्टॉप सेंटर पर आने वाली पीड़ित महिलाओं की जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस को भी उपलब्ध कराई जाए। इसका उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को विधिक सहायता से जोड़ना और उनके मामलों में जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू करने में मदद करना है।

उन्होंने बताया था कि वन स्टॉप सेंटर पर आने वाली महिलाओं को कानूनी जानकारी और सहायता देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पराविधिक स्वयंसेवक की ड्यूटी भी लगाई जाती है।

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प्री-लिटिगेशन स्तर पर दर्ज हो सकते हैं मामले

निर्देशों के मुताबिक, पात्र मामलों को प्री-लिटिगेशन स्तर पर दर्ज कर आवश्यक कानूनी सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। इसका उद्देश्य विवादों के समाधान और कानूनी मदद की प्रक्रिया को समय पर शुरू करने में सहायता करना है।

उपलब्ध रिपोर्ट में निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का उल्लेख है, लेकिन तीनों महिलाओं के मामलों में बाद में क्या कार्रवाई हुई या उनकी समस्याओं का समाधान हुआ या नहीं, इसकी कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिली है। इसलिए आगे की कार्रवाई के बारे में दावा करना उचित नहीं होगा।

Location :  Hathras

Published :  18 October 2026, 10:05 AM IST

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