रास्ता है या झाड़ियों का जाल? गोरखपुर में इस सड़क पर हर मोड़ पर छिपा है खतरा!

गोरखपुर के सोपाई घाट से ब्रह्मसारी, त्रिलोकपुर, भरसी और भिसिया जाने वाले मार्ग पर घनी झाड़ियों ने राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है। घुमावदार मोड़ों पर सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे का खतरा है। ग्रामीणों ने झाड़ियों की तत्काल सफाई और सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग की है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 8 September 2026, 4:13 PM IST

Gorakhpur: शहर और गांवों को जोड़ने वाली सड़कें लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए होती हैं, लेकिन गोरखपुर के सोपाई घाट मुख्य चौराहे से ब्रह्मसारी, त्रिलोकपुर, भरसी और भिसिया को जोड़ने वाले मार्ग की तस्वीर कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही है। यहां सड़क के दोनों किनारों पर उगी घनी झाड़ियों ने रास्ते को इस कदर घेर लिया है कि कई जगह सामने से आने वाला वाहन तक दिखाई नहीं देता। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों के सामने हर वक्त हादसे का खतरा बना हुआ है।

सड़क के किनारे नहीं, अब रास्ते तक पहुंच गईं झाड़ियां

ग्रामीणों के मुताबिक सड़क के दोनों ओर लंबे समय से झाड़ियों की सफाई नहीं हुई है। धीरे-धीरे झाड़ियां सड़क की ओर फैलती चली गईं और अब कई स्थानों पर रास्ता संकरा नजर आने लगा है। सबसे ज्यादा परेशानी घुमावदार मोड़ों पर हो रही है, जहां झाड़ियों के कारण सामने से आने वाले वाहनों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

बाइक और साइकिल से आने-जाने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी जोखिम भरी है। अचानक सामने वाहन आने पर चालक को संभलने का मौका कम मिल सकता है।

छात्रों और ग्रामीणों का रोज इसी रास्ते से गुजरना

यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर और अन्य ग्रामीण इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। सुबह विद्यालय जाने और शाम को लौटने के समय सड़क पर आवाजाही काफी बढ़ जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि दिन में किसी तरह लोग रास्ता पार कर लेते हैं, लेकिन शाम ढलने के बाद स्थिति ज्यादा डरावनी हो जाती है। सुनसान हिस्सों में दोनों तरफ खड़ी घनी झाड़ियां राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।

झाड़ियों की आड़ में छिपे खतरे का डर

स्थानीय लोगों को सिर्फ दुर्घटना का ही डर नहीं है। उनका कहना है कि सड़क किनारे उगी घनी झाड़ियों की आड़ में असामाजिक तत्वों के छिपे होने की आशंका भी बनी रहती है। सुनसान स्थानों पर चोरी और लूट जैसी घटनाओं का डर लोगों को परेशान करता है।

कई ग्रामीणों के मुताबिक शाम के समय अकेले इस रास्ते से गुजरने में लोग हिचकते हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो किसी अप्रिय घटना के बाद ही जिम्मेदार विभाग की नींद टूटेगी।

घुमावदार मोड़ों पर सबसे बड़ा खतरा

सड़क के घुमावदार हिस्सों में स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है। झाड़ियां सड़क तक फैल जाने के कारण दूसरी दिशा से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। अचानक वाहन सामने आने पर बाइक सवारों के नियंत्रण खोने और टक्कर होने का खतरा बढ़ जाता है।

ग्रामीणों का दावा है कि इस मार्ग पर पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद सड़क किनारे उगी झाड़ियों की नियमित कटाई और सफाई नहीं कराई जा रही है।

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ग्रामीणों ने उठाई तत्काल सफाई की मांग

रामचेत तिवारी, अशोक कुमार दुबे, रामप्रवेश तिवारी, गोपाल दुबे, राम ललित यादव, रामकेश यादव, प्रधान गुड्डू लाल, श्रीवास्तव समेत अन्य ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से तत्काल झाड़ियों की कटाई कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग की ऐसी स्थिति जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि विभाग कब कार्रवाई करता है और कब यह रास्ता झाड़ियों के जाल से मुक्त होकर सुरक्षित बनता है।

Location :  Gorakhpur

Published :  8 September 2026, 4:13 PM IST