Gorakhpur: पिपराइच में बोर्ड बैठक के बीच ऐसा क्या हुआ? 19 सभासदों ने एक साथ खोला मोर्चा, चेयरमैन को छोड़ना पड़ा बैठक

गोरखपुर के पिपराइच में नगर पंचायत की बोर्ड बैठक हंगामे में बदल गई। चेयरमैन पर भ्रष्टाचार, मनमानी और विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाते हुए 19 सभासदों ने विरोध किया और बैठक का बहिष्कार कर दिया। झाड़ू खरीद, सफाई व्यवस्था और छह माह पुराने विकास प्रस्तावों को लेकर भी सवाल उठे।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 8 September 2026, 2:58 PM IST

Gorakhpur: नगर पंचायत पिपराइच की बोर्ड बैठक सोमवार को उस समय अचानक हंगामे में बदल गई, जब भाजपा सभासदों समेत विपक्षी सभासदों ने चेयरमैन संजय मद्देशिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सभासदों ने चेयरमैन पर भ्रष्टाचार, मनमानी और विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाए। मामला इतना बढ़ गया कि बैठक में मौजूद 20 में से 19 सभासदों ने पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि के प्रस्ताव का विरोध करते हुए हस्ताक्षर कर दिए और बैठक का बहिष्कार कर दिया।

बैठक में बढ़ता गया विवाद

बोर्ड बैठक के दौरान सभासद रमजान अली, दीपक चौहान, दिनेश सैनी, राजेश जायसवाल समेत अन्य सदस्यों ने नगर पंचायत के कामकाज को लेकर सवाल उठाए। सभासदों का आरोप था कि विकास कार्यों में उनकी मांगों और वार्डों की समस्याओं को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है।

सभासदों ने कहा कि चुनाव के दौरान वार्डों में विकास और बेहतर सफाई व्यवस्था का भरोसा दिया गया था, लेकिन कई इलाकों में अब भी समस्याएं बनी हुई हैं। इसी को लेकर उन्होंने बोर्ड बैठक में अपनी नाराजगी जाहिर की।

झाड़ू खरीद में कमीशनखोरी का आरोप

हंगामे के बीच सफाई व्यवस्था के लिए खरीदी जाने वाली झाड़ू और अन्य सामग्री का मुद्दा भी उठा। सभासदों ने आरोप लगाया कि सफाई सामग्री की खरीद में कथित तौर पर कमीशनखोरी की जाती है। उनका कहना था कि इस वजह से नगर पंचायत को पर्याप्त सफाई संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं और कई वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

सभासदों ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

छह महीने पुराने प्रस्तावों पर भी सवाल

बोर्ड बैठक में करीब छह माह पहले पारित विकास कार्यों के प्रस्तावों का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। सभासदों ने सवाल किया कि जब पहले ही विकास कार्यों को बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी थी, तो अब तक टेंडर प्रक्रिया क्यों शुरू नहीं हुई।

सभासदों का यह भी सवाल था कि यदि पुराने प्रस्तावों की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है तो उन्हीं कार्यों के लिए दोबारा प्रस्ताव लाने की जरूरत क्यों पड़ रही है। इसको लेकर नगर पंचायत प्रशासन से जवाब मांगा गया।

19 सभासदों ने किया बहिष्कार

विवाद बढ़ने के बाद बैठक में मौजूद 20 सभासदों में से 19 ने पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि के प्रस्ताव का विरोध किया। इसके बाद सभासदों ने सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार कर दिया। भारी विरोध के बीच चेयरमैन संजय मद्देशिया बैठक छोड़कर अपने कार्यालय चले गए।

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चेयरमैन ने आरोपों को बताया निराधार

चेयरमैन संजय मद्देशिया ने सभासदों की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। वहीं, अन्य बिंदुओं पर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी पूजा सिंह परिहार जवाब देंगी। बैठक में ईओ पूजा सिंह परिहार, प्रधान लिपिक विनोद कुमार समेत महिला सभासद और मनोनीत सभासद मौजूद रहे।

अब किस बात का इंतजार?

19 सभासदों के सामूहिक विरोध के बाद बोर्ड बैठक की कार्यवाही प्रभावित रही। अब नगर पंचायत में विकास प्रस्तावों, सफाई सामग्री की खरीद और लंबित टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर प्रशासन के जवाब का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

Location :  Gorakhpur

Published :  8 September 2026, 2:58 PM IST