Gorakhpur News: भूपगढ़ की बेटी का कमाल, SSC CGL पास कर बनीं मिसाल; पढ़ें पूरी खबर

गोरखपुर के भूपगढ़ गांव की पूर्णिमा सिंह ने SSC CGL 2025 परीक्षा में सफलता हासिल कर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड में एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट पद प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। साधारण परिवार से आने वाली पूर्णिमा ने मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 10 April 2026, 10:59 PM IST

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के दक्षिणांचल क्षेत्र के गोला थाना अंतर्गत भूपगढ़ गांव की होनहार बेटी पूर्णिमा सिंह ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने SSC CGL 2025 परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर देश के प्रतिष्ठित विभाग केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) में एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट के पद पर अपना स्थान बनाया है।

इस सफलता के बाद न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है। हर कोई उनकी इस उपलब्धि को लेकर खुश नजर आ रहा है।

मेहनत और लगन ने दिलाई सफलता

पूर्णिमा सिंह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन उनके सपने बड़े थे। उनके पिता प्रमोद कुमार सिंह और माता विध्यावासिनी सिंह ने हमेशा बेटी का हौसला बढ़ाया। परिवार के सहयोग और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

फर्रुखाबाद में दर्दनाक हादसा, बाइक-रिक्शा की भीषण टक्कर में युवक की मौत; पढे़ं पूरी खबर

पूर्णिमा की प्रारंभिक शिक्षा उदया पब्लिक स्कूल से हुई, जहां उन्होंने अपनी पढ़ाई की मजबूत नींव रखी। इसके बाद उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। लगातार प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास के चलते आखिरकार उन्हें सफलता मिल ही गई।

बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा

पूर्णिमा की इस सफलता के बाद भूपगढ़ गांव में खुशी का माहौल है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। रिश्तेदार, ग्रामीण और शुभचिंतक सभी उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं।

इस मौके पर उनके चाचा एवं ग्राम प्रधान प्रद्युम्न सिंह, चंदन सिंह, गोरखनाथ चतुर्वेदी, प्रदीप मिश्रा, दीपक मिश्रा, राणा प्रताप सिंह सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

गोद में बच्चा, सामने मौत… मां की आंखों में आंसू और फिर जो हुआ वो चमत्कार से कम नहीं

पूर्णिमा सिंह की यह सफलता खासकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर मन में लगन और मेहनत करने का जज्बा हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।

Location :  Gorakhpur

Published :  10 April 2026, 10:59 PM IST