हादसे के बाद जागा प्रशासन, गोरखपुर में खतरे में खड़े 200 मकानों की बनी लिस्ट

गोरखपुर में एक बड़े हादसे के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। राजघाट स्थित अंत्येष्टि स्थल में आकाशीय बिजली से हुए नुकसान के बाद अब वहां एक और खतरा सामने आया है। मेन गेट में आई दरार ने सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद नगर निगम ने तुरंत एहतियाती कदम उठाए हैं।

Gorakhpur: राजघाट स्थित अंत्येष्टि स्थल पर आकाशीय बिजली गिरने से गुंबद का हिस्सा ढहने और दो अधिवक्ताओं की मौत के बाद जिला प्रशासन ने जर्जर व अनुपयोगी भवनों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि अंत्येष्टि स्थल के मेन गेट में भी दरार आ गई है। सुरक्षा के मद्देनजर नगर निगम ने गेट के पास सावधानी सूचक बोर्ड लगा दिया है, ताकि वहां पहुंचने वाले लोगों को संभावित खतरे से सचेत किया जा सके।

डीएम ने बताया कि अंत्येष्टि स्थल की क्षतिग्रस्त संरचना पर प्रशासन की नजर है। निरीक्षण में यदि गेट को असुरक्षित पाया गया तो आवश्यकतानुसार उसे दोबारा बनवाने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौके पर चेतावनी बोर्ड लगाया गया है।

जर्जर और अनुपयोगी सरकारी भवनों की पड़ताल

हालिया हादसे के बाद प्रशासन ने जिले के पुराने, जर्जर और अनुपयोगी सरकारी भवनों की स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। नगर निगम क्षेत्र में ऐसे करीब 200 भवन चिह्नित किए गए हैं। इन भवनों की स्थिति का परीक्षण कराने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जहां भवन पूरी तरह असुरक्षित हैं, वहां ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जबकि अन्य स्थानों पर सुरक्षा के जरूरी उपाय किए जाएंगे।

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डीएम ने दिए ये निर्देश

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जर्जर भवनों को केवल सूचीबद्ध कर कार्रवाई की खानापूर्ति न की जाए। भवन की वास्तविक स्थिति का तकनीकी परीक्षण कर समय रहते खतरे को दूर किया जाए। विशेष रूप से बाजार, सार्वजनिक स्थलों, आबादी और अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में स्थित कमजोर भवनों को प्राथमिकता से चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम के साथ अब नगर पंचायत क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जाएगा। सभी नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर एवं अनुपयोगी भवनों का सर्वे कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित खतरे वाले भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई के साथ जरूरत पड़ने पर आमजन को सतर्क करने के लिए सावधानी सूचक बोर्ड लगाने को भी कहा गया है।

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जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जनसुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी जर्जर भवन की अनदेखी के कारण जनहानि न हो, इसके लिए संबंधित विभाग समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करें। प्रशासन पूरे अभियान की निगरानी करेगा और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  8 September 2026, 12:39 AM IST

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